
पटना। बिहार में भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो लगातार सख्त कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में पूर्णिया जिले के भवानीपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय में तैनात एक भ्रष्ट सरकारी अंचल अमीन को निगरानी की टीम ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया है। गिरफ्तार अमीन का नाम प्रमोद उरांव है। दिनदहाड़े हुई इस छापेमारी और गिरफ्तारी के बाद से पूरे अंचल कार्यालय और प्रखंड परिसर में हड़कंप मचा हुआ है। कई कर्मचारी तो भनक लगते ही दफ्तर छोड़कर खिसक लिए।
जमीन की मापी के लिए महीनों से लगा रहे थे चक्कर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमीन ने यह घूस एक ग्रामीण से उसकी निजी जमीन की सरकारी मापी करने के एवज में मांगी थी। भवानीपुर थाना क्षेत्र के माधवनगर गांव के रहने वाले विलास साह काफी समय से अपनी पुश्तैनी जमीन की मापी कराने के लिए सरकारी दफ्तरों की खाक छान रहे थे। वे अंचल कार्यालय के चक्कर काट-काट कर परेशान हो चुके थे, लेकिन बिना ‘सुविधा शुल्क’ के फाइल आगे नहीं बढ़ रही थी। विलास साह ने जब अंचल अमीन प्रमोद उरांव से संपर्क किया, तो उसने काम करने के बदले सीधे तौर पर 20 हजार रुपये की मोटी रकम की मांग कर दी। अमीन ने स्पष्ट कह दिया था कि बिना पैसे दिए जमीन की सरकारी मापी किसी भी हाल में संभव नहीं है। रिश्वत की इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थ विलास साह ने हार नहीं मानी और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का कड़ा फैसला किया। उन्होंने इसकी लिखित शिकायत सीधे निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के मुख्यालय में जाकर दर्ज करा दी। पीड़ित ने अधिकारियों को बताया कि एक सरकारी कर्मचारी किस तरह से अपने पद का दुरुपयोग कर रहा है। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग तुरंत हरकत में आया। ब्यूरो ने सबसे पहले एक विशेष टीम के माध्यम से इस शिकायत का गोपनीय तरीके से सत्यापन (वेरिफिकेशन) कराया। सत्यापन के दौरान अमीन प्रमोद उरांव द्वारा रिश्वत मांगे जाने की बात पूरी तरह से सच साबित हुई।
जाल बिछाकर दुकान से किया गिरफ्तार
सत्यापन के बाद निगरानी विभाग के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के नेतृत्व में एक विशेष ‘धावा दल’ (ट्रैप टीम) का गठन किया गया। गुरुवार को तय रणनीति के तहत शिकायतकर्ता विलास साह को केमिकल लगे हुए 20 हजार रुपये के नोट देकर अमीन के पास भेजा गया। अमीन प्रमोद उरांव ने रिश्वत की रकम लेने के लिए बड़ी चालाकी से शिकायतकर्ता को प्रखंड कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने स्थित एक दुकान पर बुलाया था। जैसे ही विलास साह ने अमीन के हाथों में वह 20 हजार रुपये थमाए, पहले से ही सादे कपड़ों में आसपास घात लगाए बैठी निगरानी टीम के अधिकारियों ने झपट्टा मारकर उसे धर दबोचा।
लाल हो गया पानी, मौके पर हुई पुष्टि
गिरफ्तारी के तुरंत बाद कुछ पल के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। निगरानी टीम ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए मौके पर ही अमीन प्रमोद उरांव के हाथ धुलवाए। केमिकल लगे नोटों के संपर्क में आने के कारण हाथ धोते ही पानी का रंग बिल्कुल लाल हो गया। इस साक्ष्य ने मौके पर ही रिश्वतखोरी की पुष्टि कर दी। इसके बाद टीम ने आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की और गिरफ्तार अमीन को कड़ी सुरक्षा के बीच अपने साथ पटना लेकर रवाना हो गई। आरोपी अमीन को विशेष निगरानी अदालत में पेश कर जेल भेजा जाएगा। क्षेत्र के लोगों ने निगरानी की इस त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की है।



