
पटना। गोपालगंज जिले के थावे थाना क्षेत्र में एक लापता नाबालिग छात्रा का शव मिलने के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। हत्या की इस खौफनाक वारदात से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा उस वक्त फूट पड़ा, जब उन्होंने कानून को अपने हाथ में लेते हुए एक अभूतपूर्व और चौंकाने वाला कदम उठाया। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद जब पुलिस ने मृतका का शव परिजनों को सौंपा, तो ग्रामीणों ने पुलिस की मौजूदगी में ही मुख्य हत्यारोपित के घर के दरवाजे पर चिता सजा दी और शव का दाह-संस्कार कर दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव है और गांव पूरी तरह से पुलिस छावनी में तब्दील हो चुका है।
आरोपित की चौखट पर ढाई घंटे तक जलती रही चिता
जानकारी के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद जब परिजन और भारी संख्या में ग्रामीण शव को लेकर गांव वापस लौटे, तो उनका गुस्सा चरम पर था। रोते-बिलखते और इंसाफ की मांग करते हुए ग्रामीण सीधे उस व्यक्ति के घर के सामने जा पहुंचे, जिस पर हत्या का आरोप है। आक्रोशित भीड़ ने आरोपित के घर के मुख्य गेट की सीढ़ियों के ठीक पास लकड़ियां सजानी शुरू कर दीं। पुलिस प्रशासन के अधिकारी मूकदर्शक बने रहे और भीड़ के गुस्से के आगे बेबस नजर आए। देखते ही देखते आरोपित के दरवाजे पर ही चिता को मुखाग्नि दे दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपित के घर के सामने करीब ढाई घंटे तक शव धू-धू कर जलता रहा। इस दौरान वहां मौजूद लोगों की आंखों में शोक के साथ-साथ गहरा आक्रोश भी साफ झलक रहा था। घटना की पृष्ठभूमि के बारे में परिजनों ने बताया कि 12 वर्षीय छात्रा संजना बीते 12 अक्टूबर (शनिवार) को घर के पास ही स्थित बथान में पशुओं को चारा खिलाने के लिए गई थी। इसी दौरान उनके पट्टीदार (पाटीदार) के घर की एक बुजुर्ग महिला ने उसे साबुन पहुंचाने के लिए बुलाया। परिजनों का आरोप है कि साबुन देने जाने के बाद से ही संजना संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। जब वह काफी देर तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला।
बुधवार को मिला शव, शरीर पर थे गहरे चोट के निशान
लापता होने के कई दिनों बाद, बुधवार को गांव के ही एक पुराने और सुनसान मकान के पीछे से संजना का शव बरामद हुआ। शव की हालत देखकर परिजनों की चीख-पुकार मच गई। मृतका के सिर और गले पर किसी भारी हथियार या नुकीली चीज से किए गए गहरे चोट के निशान थे, जो साफ तौर पर निर्मम हत्या की गवाही दे रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया था। शव को आरोपित के दरवाजे पर जलाने की इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे थावे इलाके में हड़कंप मच गया है। स्थिति की गंभीरता और संभावित जातीय या गुटीय टकराव की आशंका को भांपते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सर्किल इंस्पेक्टर धर्मवीर प्रसाद, थावे थानाध्यक्ष विभा कुमारी, उचकागांव थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार झा, टीओपी प्रभारी धीरज कुमार, सुभाष कुमार, एएसआइ नीरज कुमार पांडेय और मुकेश कुमार समेत कई प्रमुख पुलिस अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर कैंप कर रहे हैं।पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को शांत कराते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। फिलहाल गांव में सन्नाटा और दहशत का माहौल है, और हर चौराहे पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य अब शांति व्यवस्था बहाल करना और हत्या के वास्तविक दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाना है।



