
पटना। बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर दियारा इलाके के रामपुर गांव में मंगलवार की रात हुए हृदयविदारक नाव हादसे ने पूरे देश और सूबे को झकझोर कर रख दिया है। गंगा की उफनती लहरों में 13 मासूम बच्चों के डूबने और उनकी असामयिक मौत की खबर से पूरे राघोपुर क्षेत्र में मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव के हर घर से उठती चीख-पुकार, माताओं का विलाप और परिजनों के क्रंदन को सुनकर वहां मौजूद हर शख्स का कलेजा कांप उठा। यह भीषण त्रासदी इतनी भयावह है कि जिसने भी इसके बारे में सुना, उसकी आंखें छलक उठीं। बुधवार की सुबह इस बड़े हादसे की सूचना मिलते ही केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान अपने सभी पूर्व निर्धारित सरकारी कार्यक्रमों और दिल्ली में आयोजित अहम कैबिनेट बैठक को छोड़कर सीधे राघोपुर के रामपुर गांव पहुंच गए।
रोते परिजनों को गले लगाकर खुद भावुक हुए मंत्री
दियारा के इस सुदूर इलाके में पहुंचकर चिराग पासवान सीधे उन अभागे परिवारों के घर गए, जिनकी गोद इस भयानक हादसे ने सूनी कर दी है। उन्होंने नाव हादसे में जान गंवाने वाले मासूम बच्चों के शोकाकुल परिजनों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। इस दौरान का दृश्य बेहद मार्मिक था। रोते-बिलखते परिजनों को देखकर केंद्रीय मंत्री खुद भी भावुक हो गए। उन्होंने अपना अथाह दर्द साझा करते हुए इस असहनीय दुख की घड़ी में परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि इस पीड़ा की कल्पना करना भी असंभव है। यह केवल एक परिवार या गांव की नहीं, बल्कि पूरे सूबे की क्षति है। उन्होंने परिजनों को विश्वास दिलाया कि दुख की इस विकट घड़ी में वे और पूरी सरकार उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। घटनास्थल पर मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने बताया कि यह एक ऐसी अकल्पनीय घटना है, जिस पर अभी भी यकीन कर पाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि मंगलवार देर रात जैसे ही उन्हें इस दुखद हादसे की प्रारंभिक सूचना मिली, उन्होंने बिना कोई समय गंवाए तत्काल इसे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संज्ञान में लाया। प्रधानमंत्री ने भी इस भयानक घटना पर अपना गहरा दुख और संवेदना प्रकट की है। चिराग ने स्पष्ट किया कि यही वजह है कि आज की अहम केंद्रीय कैबिनेट बैठक को छोड़कर वह विशेष रूप से अपने इन पीड़ित परिवारों के बीच उनका दर्द बांटने आए हैं।
प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त कार्रवाई का अल्टीमेटम
इस दर्दनाक हादसे के पीछे प्रशासनिक स्तर पर हुई घोर लापरवाही को लेकर केंद्रीय मंत्री ने बेहद सख्त तेवर अपनाए। राघोपुर दियारा में नावों के असुरक्षित परिचालन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी अधिकारी, कर्मचारी या नाविक इस हादसे के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन की लापरवाही के पुख्ता सबूत मिलने पर वह इस पूरे मामले को मुख्यमंत्री और बिहार सरकार के संज्ञान में लाएंगे, ताकि दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके और भविष्य में ऐसी त्रासदियों पर पूर्ण विराम लग सके।केंद्रीय मंत्री ने पीड़ित परिवारों को तत्काल उचित सरकारी मदद और मुआवजे की भी घोषणा की। इस दुखद मौके पर सांत्वना देने के लिए चिराग पासवान के साथ बिहार सरकार के पीएचईडी मंत्री संजय सिंह, गन्ना उद्योग मंत्री संजय पासवान, विधान परिषद सदस्य अशरफ अंसारी, प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक, पूर्व विधायक सतीश राय सहित तमाम वरिष्ठ नेता व पदाधिकारी मौजूद रहे। घटनास्थल पर हजारों की संख्या में ग्रामीणों की भारी भीड़ उपस्थित थी, जिनकी आंखों में व्यवस्था के प्रति गहरा रोष और अपनों को खोने का असीम दुख साफ नजर आ रहा था। पूरा दियारा क्षेत्र आज अपने 13 नौनिहालों को खोकर सिसक रहा है।



