
पटना। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में आईआरसीटीसी टेंडर घोटाला मामले में पेशी के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पटना लौट आए हैं। पटना एयरपोर्ट पर कदम रखते ही तेजस्वी यादव अपने पुराने आक्रामक अंदाज में नजर आए। उन्होंने केंद्र की राजग सरकार, केंद्रीय जांच एजेंसियों और चुनाव आयोग पर सीधा प्रहार किया।भाजपा पर राजनीतिक प्रतिशोध का गंभीर आरोप लगाते हुए तेजस्वी ने तंज कसा कि अगर वे आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ हाथ मिला लें, तो उन्हें रातों-रात ‘राजा हरिश्चंद्र’ घोषित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा जानबूझकर सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग जैसी एजेंसियों को उनके पीछे लगाया गया है। तेजस्वी ने स्पष्ट किया कि वे इन कार्रवाइयों से कतई नहीं डरते और अपनी लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायालय की प्रक्रिया में वे पूरा सहयोग कर रहे हैं और अदालत के समक्ष अपना पक्ष ठोस तथ्यों के साथ बेबाकी से रखेंगे।
भाजपा से हाथ मिला लेते तो बन जाते ‘राजा हरिश्चंद्र
नेता प्रतिपक्ष का निशाना केवल जांच एजेंसियों तक ही सीमित नहीं रहा। उन्होंने देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर भी अत्यंत गंभीर सवाल खड़े किए। तेजस्वी ने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार से जुड़े कई विवादित मुद्दे अब जनता के सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में सीबीआई, ईडी और इनकम टैक्स की संदिग्ध कार्यशैली को लेकर भी कई नई बातें देश के सामने आएंगी।विपक्षी दलों की आगामी रणनीति का खुलासा करते हुए तेजस्वी यादव ने बताया कि आगे की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। उन्होंने घोषणा की कि आगामी 6 अक्टूबर को विपक्षी दलों के सभी सांसद अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विशाल विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद सभी विपक्षी नेता एकजुट होकर देश के राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे और उन्हें अपना एक विस्तृत ज्ञापन सौंपेंगे।
‘BJP के वॉशिंग मशीन में जाते तो बेदाग हो जाते
वहीं, बिहार में राजद और कांग्रेस के बीच विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव में आमने-सामने होने के सवाल पर भी तेजस्वी ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए दोनों दलों के अलग-अलग प्रत्याशी उतारने के विवाद को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें कोई नई बात नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि महागठबंधन के ये दोनों दल अतीत में भी इन सीटों पर अलग-अलग चुनाव लड़ते रहे हैं। तेजस्वी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि पिछली बार भी राजद ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच सीटों पर जीत दर्ज की थी, और इस बार भी चुनाव में उनके उम्मीदवार ही निश्चित रूप से बड़ी जीत हासिल करेंगे।



