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गोपालगंज में बाढ़ का कहर: शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने किया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा, दिया हर संभव मदद का भरोसा

गोपालगंज। जिले के बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इस गंभीर स्थिति के बीच, सूबे के शिक्षा मंत्री और स्थानीय विधायक मिथिलेश तिवारी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का सघन स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने नाव और पैदल यात्रा के जरिए बंजरिया, डुमरिया और गम्हारी सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पीड़ितों से सीधा संवाद कर उनकी पीड़ा सुनी और मौके पर मौजूद प्रशासनिक अमले को राहत व बचाव कार्य को युद्धस्तर पर संचालित करने का कड़ा निर्देश दिया। निरीक्षण के क्रम में शिक्षा मंत्री ने प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे कम्युनिटी किचन (सामुदायिक रसोई) की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने वहां बन रहे भोजन की गुणवत्ता की स्वयं जांच की और पीड़ितों से व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए मंत्री ने कहा कि शरण स्थलों व राहत शिविरों में रहने वाले किसी भी व्यक्ति को असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय पर पर्याप्त और पौष्टिक भोजन के साथ-साथ शुद्ध पेयजल तथा जरूरी जीवन रक्षक दवाओं की निर्बाध आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए। इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कम्युनिटी किचन की परखी व्यवस्था

बाढ़ के कारण किसानों की हजारों एकड़ खड़ी फसल बर्बाद हो गई है। किसानों के इस नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए शिक्षा मंत्री ने मौके से ही उपमुख्यमंत्री सह आपदा प्रबंधन मंत्री को टेलीफोन कर स्थिति की भयावहता से अवगत कराया। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मंत्री ने कृषि विभाग और जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि जैसे ही जलस्तर में कमी आए, पारदर्शी तरीके से फसल क्षति का सटीक सर्वे कराया जाए, ताकि बिना किसी विलंब के पीड़ित किसानों के बैंक खातों में मुआवजे की राशि भेजी जा सके। क्षेत्र भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने एक बेहद गंभीर शिकायत दर्ज कराई। स्थानीय लोगों का आरोप था कि कुछ असामाजिक तत्वों की साजिश के चलते बांध काटा गया है, जिसके कारण बाढ़ का पानी तेजी से रिहायशी इलाकों और खेतों में फैल गया। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मंत्री मिथिलेश तिवारी ने घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने का कड़ा आश्वासन दिया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि इस मामले में किसी की भी लापरवाही या साजिश उजागर होती है, तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बांध कटने की होगी उच्चस्तरीय जांच

बाढ़ पीड़ितों को ढांढस बंधाते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा की विकट घड़ी में राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ जनता के साथ मुस्तैदी से खड़ा है। उन्होंने दोहराया कि संकट के इस दौर से उबरने और बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में जनजीवन को जल्द से जल्द पटरी पर लाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।

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