
मोतिहारी । जिले के अरेराज प्रखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का गुरुवार को जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव और पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वर्ण प्रभात ने दौरा किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने नवादा पंचायत में प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे राहत कार्यों की जमीनी हकीकत जानी। मानवीय संवेदना पेश करते हुए डीएम और एसपी ने सामुदायिक रसोई में अपने हाथों से बाढ़ पीड़ितों को भोजन परोसा और व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। दौरे के क्रम में डीएम और एसपी ने मननपुर में चंपारण तटबंध पर हुए रिसाव और कट वाले स्थानों का बारीकी से निरीक्षण किया। एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि तटबंध की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए भारी संख्या में पुलिस बलों की 24 घंटे तैनाती की गई है। स्थानीय डीएसपी व थानाध्यक्ष लगातार मुआयना कर रहे हैं, वहीं डीएम-एसपी स्तर से भी रात्रिकालीन गश्त की जा रही है।
तटबंधों पर 24 घंटे सुरक्षा बलों का पहरा
नवादा पंचायत के नोनिया टोला स्थित शरण स्थली पर अधिकारियों ने नाव संचालन और प्लास्टिक शीट (पॉलीथिन) वितरण की समीक्षा की। कम्युनिटी किचन में भोजन परोसने के दौरान अधिकारियों ने सीधा आम लोगों से संवाद किया और खाने की गुणवत्ता के बारे में पूछताछ की। मौके पर मौजूद मातहत अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह सक्रिय है। सिविल सर्जन ने अधिकारियों को अवगत कराया कि पिछले तीन दिनों में लगाए गए मेडिकल कैंपों में करीब 4000 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जा चुकी है। इनमें से 2500 से अधिक लोगों को जरूरी दवाइयां मुफ्त उपलब्ध कराई गई हैं। इसके साथ ही, पशुपालन विभाग के समन्वय से मवेशियों के लिए चारे की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
30 जगहों पर चल रही सामुदायिक रसोई
जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने बताया कि वर्तमान में जिले के अरेराज, संग्रामपुर और केसरिया प्रखंड बाढ़ की चपेट में हैं। इन क्षेत्रों में कुल 30 स्थानों पर सामुदायिक किचन का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राहत की बात यह है कि गंडक नदी का जलस्तर अब तेजी से घट रहा है। प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और जल संसाधन विभाग के अथक प्रयास से तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं और स्थिति नियंत्रण में है।



