
पटना। नेपाल के जल ग्रहण क्षेत्रों और उत्तर बिहार में लगातार चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने तबाही की घंटी बजा दी है। पूर्वी चंपारण जिले से गुजरने वाली गंडक और बागमती नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की जा रही है। उफनती नदियों के रौद्र रूप को देखते हुए तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। रविवार को खुद जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर मोर्चा संभाल लिया है।नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने अपर समाहर्ता और बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के अभियंताओं की टीम के साथ संग्रामपुर अंचल सहित गंडक नदी के किनारे बसे कई गांवों का मोटर बोट से सघन दौरा किया। उन्होंने तटबंधों की वर्तमान स्थिति और पानी के दबाव का बारीकी से जायजा लिया। हालांकि, निरीक्षण के दौरान सभी तटबंध सुरक्षित पाए गए, लेकिन नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि ने चिंताएं बढ़ा दी हैं। डीएम ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि अगले कुछ घंटे बेहद संवेदनशील हैं, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तटबंधों पर 24 घंटे पहरा, एसडीआरएफ मुस्तैद
संभावित खतरे को देखते हुए तटीय गांवों और टोलों में प्रशासन ने माइकिंग शुरू कर दी है, ताकि लोग समय रहते सतर्क हो सकें। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि नदी किनारे के सभी टोलों को तत्काल निकटवर्ती आश्रय स्थलों और सामुदायिक रसोई से टैग किया जाए। राहत और बचाव कार्य के लिए नावों की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है। सभी नावों पर खतरे का सूचक लाल झंडा और आवश्यक बैनर लगाने को कहा गया है। इसके साथ ही, अंचलाधिकारियों को पर्याप्त मात्रा में पॉलिथीन शीट का स्टॉक रखने और जरूरत पड़ने पर त्वरित आपूर्ति सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया गया है। तटबंधों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। इसकी नियमित निगरानी और 24 घंटे पेट्रोलिंग के लिए होमगार्ड के जवानों की मुस्तैदी बढ़ा दी गई है। एसडीओ को निर्देश है कि वे जवानों के सीधे संपर्क में रहें। इसके अलावा, आपात स्थिति में त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के लिए एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को पूरी तरह से मुस्तैद रखा गया है। विधि-व्यवस्था संधारण व अफवाहों पर लगाम कसने के लिए एसडीपीओ व थानाध्यक्षों को पुलिस बल की तैनाती का निर्देश दिया गया है।
बागमती का भी बढ़ा जलस्तर, स्वास्थ्य महकमा अलर्ट
स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट करते हुए मेडिकल कैंप व एंबुलेंस तैयार रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। स्थानीय मुखिया व पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर ग्राउंड रिपोर्ट ली जा रही है। इस बीच, देवपुर-बेलवा क्षेत्र में बागमती नदी के जलस्तर में फिर से उफान आना शुरू हो गया है। इसे देखते हुए प्रशासन ने इस इलाके में भी चौकसी बढ़ा दी है। प्रशासन का पूरा जोर फिलहाल किसी भी संभावित आपात स्थिति से पहले बचाव और राहत की पूरी व्यवस्था को जमीन पर शत-प्रतिशत उतारने पर है, ताकि किसी भी सूरत में जान-माल का नुकसान न हो।



