PM मोदी के जन्मदिन पर दीये जलाने पर अखिलेश का सवाल, शांतनु गुप्ता ने दिलाया याद मुलायम के जन्मदिन पे हुए खर्च का

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर उत्तर प्रदेश में हुए ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव और शांतनु गुप्ता आमने-सामने आ गए हैं। अखिलेश यादव ने जिलाधिकारी आवास पर दीये जलाए जाने पर खर्च को लेकर सवाल उठाए थे। इसके जवाब में शांतनु गुप्ता ने अखिलेश के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर हुए कथित खर्चों का जिक्र करते हुए पलटवार किया।
शांतनु गुप्ता ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि 2014 में रामपुर में मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन के आयोजन में करीब 2 करोड़ रुपये के पंडाल, जिला प्रशासन और संस्कृति विभाग से जुड़े करीब 30 लाख रुपये का खर्च हुआ था। उन्होंने लंदन से मंगाई गई बग्घी और 75 फीट के केक का भी जिक्र किया।शांतनु गुप्ता ने इसी आधार पर अखिलेश यादव से सवाल किया कि जब वह मुख्यमंत्री थे और खुद मुलायम सिंह यादव के साथ उस बग्घी में बैठे थे, तब ऐसे आयोजनों पर सवाल क्यों नहीं उठाए गए। उनका तंज था कि अब प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर दीये जलाए जाने से आपत्ति क्यों हो रही है। ये आंकड़े और आरोप शांतनु गुप्ता के दावे के रूप में ही सामने आए हैं।
‘दीया हमारी परंपरा का हिस्सा’
शांतनु गुप्ता ने अपने जवाब में दीये को भारतीय और हिंदू परंपरा से जोड़ते हुए अखिलेश यादव पर तंज भी कसा। उन्होंने सवाल किया कि आखिर दीये जलाने को लेकर इतनी आपत्ति क्यों है।उन्होंने अखिलेश यादव की याददाश्त पर भी कटाक्ष किया और च्यवनप्राश खाने तथा सुडोकू खेलने की सलाह दी। ।दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के मौके पर बीजेपी ने ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान के तहत लोगों से दीप जलाने की अपील की थी। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने 17 सितंबर की शाम घरों में दीया जलाने का आह्वान किया था।
इसी दौरान अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर जिलाधिकारी आवास का वीडियो साझा करते हुए दीये, तेल-बाती और उन्हें लगवाने से जुड़े खर्च का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि इसका खर्च सरकारी धन से हुआ या संबंधित अधिकारी ने निजी तौर पर वहन किया।अखिलेश ने इसे लेकर ‘चापलूसी फंड’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया और सरकारी मशीनरी के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी सवाल किया कि अगर खाना पकाने के तेल की खपत कम करने की अपील की जाती है तो क्या वाहन, लालटेन और दीयों के तेल पर भी वही चिंता लागू होती है।
500 बाइकों को लेकर भी अखिलेश का सवाल
अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन से जुड़े बाइक अभियान पर भी सवाल उठाया। उन्होंने यूपी-32 नंबर से शुरू हुई 500 बाइकों के ईंधन खर्च का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि क्या इससे विदेशी मुद्रा से खरीदे गए तेल की खपत नहीं होगी।इस अभियान में 250 बाइकों पर 500 युवाओं के वाराणसी से वडनगर तक जाने की योजना थी।प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर देशभर में बीजेपी की ओर से कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान भी इसी महीने चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ का हिस्सा था।
अब इसी कार्यक्रम को लेकर अखिलेश यादव के सवाल और शांतनु गुप्ता के पलटवार ने यूपी की सियासत में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। एक तरफ अखिलेश आयोजन में सरकारी संसाधनों और खर्च की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ शांतनु गुप्ता पुराने राजनीतिक आयोजनों के खर्च का हवाला देकर उनके सवालों पर पलटवार कर रहे हैं।



