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शराब माफियाओं का दुस्साहस: समस्तीपुर में छापेमारी करने गई पुलिस टीम पर जानलेवा हमला, थानाध्यक्ष समेत कई जवान लहूलुहान

क्या बिहार में पुलिस भी सुरक्षित नहीं है? समस्तीपुर से आई ये खबर आपको हैरान कर देगी...

पटना। बिहार में शराबबंदी कानून को ठेंगा दिखाते हुए शराब माफियाओं का दुस्साहस लगातार बढ़ता जा रहा है। समस्तीपुर जिले के हलई थाना क्षेत्र अंतर्गत बनबीरा गांव में रविवार को उस वक्त अफरातफरी और दहशत का माहौल कायम हो गया, जब अवैध शराब के कारोबारियों पर नकेल कसने गई उत्पाद विभाग की टीम पर तस्करों और उनके गुर्गों ने सुनियोजित तरीके से हमला बोल दिया। इस अचानक हुए हिंसक हमले में उत्पाद थाना पटोरी के थानाध्यक्ष मुकेश कुमार समेत आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उग्र भीड़ ने कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए पुलिस की तीन सरकारी गाड़ियों में भी भारी तोड़फोड़ की।प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि बनबीरा गांव में शराब तस्करों द्वारा अवैध शराब की बड़ी खेप छिपाकर रखी गई है और यहीं से शराब का काला कारोबार संचालित हो रहा है। इसी पुख्ता सूचना के आधार पर रविवार को उत्पाद थाना पटोरी के थानाध्यक्ष मुकेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम ने गांव में छापेमारी की। जैसे ही पुलिस की गाड़ियां गांव में दाखिल हुईं और संदिग्ध ठिकानों की घेराबंदी शुरू हुई, शराब माफियाओं और उनके समर्थकों ने पुलिस का कड़ा विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह विरोध उग्र हो गया और लाठी-डंडों व ईंट-पत्थरों से लैस भीड़ ने पुलिस टीम पर चारों तरफ से धावा बोल दिया।

हमलावरों ने पुलिस के तीन वाहनों को किया क्षतिग्रस्त

यह जानलेवा हमला इतना अचानक था कि पुलिसकर्मियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। खुद को चारों ओर से घिरता देख और स्थिति को बेकाबू होते पाकर पुलिसकर्मियों को अपनी सुरक्षा के मद्देनजर रणनीतिक रूप से वहां से पीछे हटना पड़ा। इस हिंसक झड़प में भीड़ ने पुलिस के तीन वाहनों के शीशे चकनाचूर कर दिए। स्थिति इतनी भयावह थी कि पीछे हटने के दौरान पुलिसकर्मियों के कुछ हथियार भी घटनास्थल पर ही छूट गए।घटना की सूचना वायरलेस पर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में हलई थाना समेत आसपास के कई थानों की अतिरिक्त पुलिस फोर्स को बनबीरा गांव के लिए रवाना किया गया। भारी संख्या में पुलिस बल के पहुंचने के बाद उपद्रवी मौके से फरार हो गए और हालात को किसी तरह नियंत्रित किया जा सका। पुलिस ने सबसे पहले घटनास्थल पर छूटे हुए हथियारों को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित किया। सभी घायल जवानों को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। इस पूरी घटना पर उत्पाद अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने बताया कि शराब तस्करों के खिलाफ विभाग की यह कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस पूरे मामले की सघन जांच कर रही है। जिन लोगों ने कानून को हाथ में लेकर पुलिस टीम पर जानलेवा हमला किया है, उनकी पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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