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बिहार के कलाकार क्यों कर रहे सम्राट चौधरी का आभार? क्या NSD सेंटर से मिलेगा बड़ा मंच?


मैथिली थिएटर के नाम पर प्रसिद्ध ‘भंगिमा पटना’ से जुड़े संजीव झा बताते हैं कि, “बिहार में अक्सर इस बात की चर्चा होती थी कि यहां के खिलाड़ियों को जगह पाने के लिए बिहार से बाहर जाना पड़ता था। लेकिन वही स्थिति यहां के कलाकारों और रंग कर्मियों के साथ भी थी। लेकिन इस बात की इतनी चर्चा नहीं होती थी। सम्राट सरकार ने जो फैसला लिया है कि बिहार में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) का नया कैंपस स्थापित होगा। यह काफी बेहतरीन फैसला है।”

कलाकार और रंगकर्मी किसी भी राज्य की संस्कृति को जीवित रखने और उसे समाज के सामने पेश करने का सबसे सशक्त माध्यम होते हैं। वे समाज का आईना होते हैं, जो अपनी कला के जरिए राज्य की परंपराओं, लोककथाओं और सामाजिक मुद्दों को जनता तक पहुँचाते हैं। इसलिए कलाकारों और रंगकर्मियों का सम्मान किसी भी जीवंत समाज की पहचान है।

इसी सोच के साथ बिहार में सम्राट सरकार की प्रयास की बदौलत केंद्र सरकार ने बिहार में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) के नए परिसर की स्थापना को मंजूरी दे दी है।
जी हां…राजधानी पटना में देश का सातवां नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) सेंटर खुलने जा रहा है। इसको लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच सहमति बन गई है।

इस पहल से राज्य के युवाओं को अभिनय, निर्देशन और रंगमंच की विभिन्न तकनीकों का राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण बिहार में ही मिल सकेगा‌ साथ ही बिहार की समृद्ध लोक कलाओं और रंगमंचीय परंपराओं को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के प्रति इसके लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने कहा है कि यह निर्णय बिहार की समृद्ध नाट्य एवं प्रदर्शन कला परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान और नई संभावनाएं प्रदान करेगा। बिहार की सांस्कृतिक विरासत अत्यंत समृद्ध रही है। राज्य की लोक नाट्य एवं प्रदर्शन कलाओं की अपनी विशिष्ट और गौरवशाली परंपरा रही है।

कैंपस के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बिहार सरकार इसके लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने तथा भवन निर्माण की स्वीकृत लागत का 50 प्रतिशत राज्यांश वहन करने के लिए पहल कर रही है। संस्थान की शीघ्र स्थापना के लिए हरसंभव प्रशासनिक सहयोग किया जाएगा।

केंद्र और राज्य की साझेदारी से बनने वाला यह कैंपस बिहार की लोक रंगमंच परंपराओं को आधुनिक प्रशिक्षण, अभिनय, निर्देशन, मंच-शिल्प और शोध से जोड़ेगा। इससे बिहार की समृद्ध रंगमंच परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

सुनिए कलाकरों की जुबानी

“बिहार में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय—NSD की शाखा/केंद्र का प्रारंभ होना हम सभी रंगकर्मियों के लिए अत्यंत हर्ष और गर्व की बात है। बिहार के रंगकर्मी लंबे समय से बिहार में रास्ट्रीय नाट्य विद्यालय की एक शाखा के लिए संघर्षरत थे ये बिहार के रंगकर्मी के लिए हर्ष का विषय है।”
कुमार रविकांत, अभिनेता

“बिहार के कलाकारों के लिए यह एक बहुत बड़ा और बेहतरीन फैसला है, NSD का केंद्र मिलने से यहाँ की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का सही मौका मिलेगा। बिहार हमारा बहुत आगे बढ़ेगा। माननीय मुख्यमंत्री जी का बहुत-बहुत धन्यवाद।”
कुमार कन्हैया सिंह, अभिनेता

“गांव के मंच से हम लोगों ने कई क्षेत्रीय सीरियल में काम किया। हमेशा इस बात की कमी खलती थी कि अभिनय की बारीकियां सीखने की स्कूल में पढ़ने मिल जाता। बिहार सरकार का यह प्रयास काफी बेहतर है।”
ललित झा, रंगकर्मी

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