
पटना। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के इच्छुक बिहारवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अब इस योजना के तहत अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए दो लाख रुपये तक का लोन लेने वालों को सिबिल (CIBIL) स्कोर की चिंता नहीं करनी होगी। राज्य सरकार जल्द ही दो लाख तक के ऋण के लिए सिबिल स्कोर की अनिवार्यता खत्म करने जा रही है, जिसके दिशा-निर्देश शीघ्र ही जारी किए जाएंगे। सोमवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने योजना की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान बैंकों व संबंधित विभागों को योजना की रफ्तार बढ़ाने के लिए कई अहम और कड़े निर्देश दिए।समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने बैंकों के शीर्ष अधिकारियों को दो टूक कहा है कि वे योजना से जुड़े सभी लंबित ऋण आवेदनों का 10 दिनों के अंदर निपटारा करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र लाभार्थियों के ऋण आवेदन को अनावश्यक रूप से खारिज नहीं किया जाना चाहिए। यदि किसी आवेदन में दस्तावेजों की कमी है, तो उसे दूर कराकर ऋण मुहैया कराने की प्रक्रिया पूरी की जाए। आवेदन खारिज होने की स्थिति में बैंक स्तर पर उसके कारणों की ठोस समीक्षा होनी चाहिए।योजना की प्रगति पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्य सचिव ने सोलर पैनल लगाने वाली एजेंसियों और वेंडरों को कड़ी हिदायत दी है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप काम में तेजी नहीं आई, तो संबंधित वेंडरों को काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में डाल दिया जाएगा।बैठक में उपस्थित ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव ने यूएलए मॉडल के कार्यों की जानकारी दी। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि अत्यंत गरीब परिवारों के घरों में अक्टूबर के अंत तक 2.5 लाख सौर संयंत्र (सोलर प्लांट) लगाने का लक्ष्य हर हाल में पूरा किया जाए। इसके साथ ही, नवंबर 2026 तक के सभी निर्धारित लक्ष्यों को समय पर अचीव करने का निर्देश दिया गया है।पटना में 5,585 घरों का लक्ष्य, डीएम ने जताई नाराजगीराजधानी पटना में भी योजना को धरातल पर तेजी से उतारने की कवायद शुरू कर दी गई है। पटना जिले में नवंबर 2026 तक 5,585 घरों में सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य निर्धारित है। इसी कड़ी में सोमवार को पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने भी योजना से जुड़ी कार्यान्वयन एजेंसियों और बैंकों के साथ समीक्षा बैठक की। डीएम ने ऋण आवेदनों के निष्पादन और सोलर पैनल लगाने की धीमी रफ्तार पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए एजेंसियों को तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया है।



