
पटना। बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना और ‘उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति नियमावली’ का असर अब पूरी तरह से धरातल पर दिखने लगा है। राज्य में खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने की इस नीति के तहत पूर्वी चंपारण के राष्ट्रीय लॉन बॉल खिलाड़ी चितरंजन कुमार को मोतिहारी समाहरणालय में निम्नवर्गीय लिपिक (एलडीसी) के पद पर सीधी नियुक्ति दी गई है। उनकी इस उत्कृष्ट खेल उपलब्धि और सरकारी सेवा में चयन से पूरे राज्य के उभरते खिलाड़ियों में रोजगार को लेकर एक नई उम्मीद जगी है।सरकारी योजनाओं और नीतियों को तेजी से लागू करने के लिए एक्शन मोड में आए अधिकारियों ने खिलाड़ी के योगदान को सराहते हुए उन्हें सम्मानित किया। इस सीधी नियुक्ति के उपलक्ष्य में जिला खेल कार्यालय में एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिला खेल पदाधिकारी अंकित कुमार ने चितरंजन कुमार को अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।
इस दौरान उपस्थित खेल प्रेमियों और स्थानीय खिलाड़ियों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।समारोह को संबोधित करते हुए जिला खेल पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि चितरंजन कुमार की सफलता केवल एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण बिहार के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की खेल नीति प्रतिभावान खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा और एक सम्मानजनक भविष्य प्रदान करने का काम कर रही है। अब यह साबित हो चुका है कि यदि खिलाड़ी मेहनत और पूर्ण समर्पण के साथ अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करें, तो खेल के मैदान की सफलता सरकारी सेवा का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। चितरंजन की नियुक्ति इसका जीवंत प्रमाण है।
इस अवसर पर खेल जगत से जुड़े कई गणमान्य लोग भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इनमें रमेश कुमार, लॉन बॉल संघ के जिला सचिव ज्याउल्लाह शेख और असीम सेराज ईशा प्रमुख रूप से शामिल थे। उपस्थित सभी लोगों ने चितरंजन कुमार को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य में खिलाड़ियों को मिल रहे इस सम्मान से अन्य युवा भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होंगे।



