मुजफ्फरपुर में औद्योगिक क्रांति की नई सुबह: सीएम सम्राट चौधरी ने किया मेगा लेदर क्लस्टर का भव्य उद्घाटन

पटना। उत्तर बिहार की अघोषित राजधानी मुजफ्फरपुर अब तेजी से औद्योगिक विकास के पथ पर अग्रसर हो रहा है। गुरुवार को जिले के मोतीपुर स्थित औद्योगिक क्षेत्र महवल में एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब सूबे के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘मेगा लेदर, फुटवियर एवं एक्सेसरीज क्लस्टर’ तथा ‘साझा सुविधा केंद्र’ (कॉमन फैसिलिटी सेंटर) का भव्य उद्घाटन किया। इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के शुरू होने से न केवल मुजफ्फरपुर बल्कि पूरे उत्तर बिहार में रोजगार और व्यापार के नए द्वार खुल गए हैं। इस गरिमामयी समारोह में कांटी क्षेत्र के विधायक ई. अजीत कुमार ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास का खाका खींचते हुए कांटी एनटीपीसी में 800 मेगावाट की एक नई यूनिट स्थापित करने की जोरदार मांग सरकार के समक्ष उठाई।
औद्योगिक विकास का नया मील का पत्थर बना महवल क्लस्टर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा उद्घाटित यह मेगा लेदर क्लस्टर राज्य में औद्योगिक प्रगति का एक जीवंत प्रमाण है। वर्षों से कृषि पर निर्भर रहने वाले इस क्षेत्र में अब चमड़ा और जूता-चप्पल उद्योग की बड़ी फैक्ट्रियां आकार ले रही हैं। साझा सुविधा केंद्र के माध्यम से छोटे और मझोले उद्यमियों को भी विश्वस्तरीय तकनीकी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो सकेंगी। समारोह को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया गया कि यह क्लस्टर सिर्फ फैक्ट्रियों का समूह नहीं है, बल्कि यह उन हजारों स्थानीय युवाओं की उम्मीदों का केंद्र है जो अब तक रोजगार की तलाश में अपना घर छोड़ने को विवश होते रहे हैं। महवल का यह औद्योगिक क्षेत्र अब मुजफ्फरपुर को देश के औद्योगिक मानचित्र पर एक सशक्त पहचान दिलाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
विधायक ई. अजीत कुमार ने उठाई 800 मेगावाट की नई यूनिट की मांग
उद्घाटन समारोह के अवसर पर कांटी के विधायक ई. अजीत कुमार ने अपने संबोधन से उपस्थित जनसमूह और मुख्यमंत्री का ध्यान एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय की ओर आकृष्ट किया। मुख्यमंत्री का स्वागत करने के उपरांत, विधायक ने कहा कि कोई भी औद्योगिक क्रांति बिना पर्याप्त ऊर्जा के संभव नहीं है। उन्होंने मंच से मुख्यमंत्री के समक्ष कांटी एनटीपीसी (NTPC) में 800 मेगावाट क्षमता वाली एक नई विद्युत उत्पादन यूनिट स्थापित करने की प्रमुखता से मांग रखी। उन्होंने तर्क दिया कि मुजफ्फरपुर में जिस तेजी से नए उद्योग लग रहे हैं, भविष्य में बिजली की खपत उसी अनुपात में बढ़ेगी। ऐसे में कांटी में नई यूनिट की स्थापना होने से न केवल पूरे तिरहुत प्रमंडल बल्कि पूरे सूबे के विकास को एक अभूतपूर्व गति मिलेगी। यह नई यूनिट उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। विधायक ने रोजगार और पलायन के संवेदनशील मुद्दे पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस जरूरत है तो उन्हें उनके घर के पास अवसर प्रदान करने की। कांटी एनटीपीसी में नई यूनिट के निर्माण से लेकर उसके संचालन तक में बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अतिरिक्त, जब बिजली की प्रचुर उपलब्धता होगी, तो मोतीपुर लेदर क्लस्टर जैसे दर्जनों नए उद्योग यहां स्थापित होंगे। स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों के निरंतर विस्तार से युवाओं को दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई संजीवनी मिलेगी।
मुजफ्फरपुर सहित उत्तर बिहार के लिए खुलेंगी विकास की नई राहें
अपने संबोधन के अंत में विधायक ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार उनके इस ऊर्जा प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करेगी। उद्योग और ऊर्जा, दोनों ही किसी भी विकसित समाज के दो मजबूत पहिए होते हैं। महवल में लेदर क्लस्टर के रूप में उद्योग का पहिया तो गति पकड़ चुका है, अब कांटी में ऊर्जा के पहिये को 800 मेगावाट की नई ताकत देने की दरकार है। इस नई यूनिट और क्लस्टर के सुचारू रूप से काम करने पर मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण सहित आसपास के अन्य जिलों में भी विकास की नई संभावनाएं जन्म लेंगी। गुरुवार का दिन मुजफ्फरपुर के इतिहास में एक सुनहरे पन्ने के रूप में दर्ज हो गया है, जहां उद्योग और ऊर्जा के समन्वय से एक समृद्ध बिहार की मजबूत नींव रखी गई है।



