
बिहार में EOU का बड़ा एक्शन! रोहतास के इंजीनियर निकले ‘धनकुबेर’, 1.19 करोड़ की अवैध संपत्ति का खुलासा।
पटना। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने गुरुवार को एक और बड़ी कार्रवाई की है। लघु सिंचाई प्रमंडल, रोहतास के कार्यपालक अभियंता (एग्जीक्यूटिव इंजीनियर) अरविंद कुमार चौधरी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में ईओयू की कई टीमों ने एक साथ उनके छह ठिकानों पर धावा बोला। प्रारंभिक जांच में इस ‘धनकुबेर’ इंजीनियर के पास आय के ज्ञात स्रोतों से करीब 85 प्रतिशत अधिक (लगभग 1.19 करोड़ रुपये) संपत्ति होने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है।मिली जानकारी के अनुसार, ईओयू ने पुख्ता सबूतों के आधार पर 29 जुलाई को ही इस भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ ईओयू थाने में कांड संख्या 15/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली थी।
इसके बाद निगरानी की विशेष अदालत से सर्च वारंट हासिल किया गया। गुरुवार अहले सुबह डीएसपी स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में पटना, रोहतास, मुजफ्फरपुर और बांका में एक साथ छापेमारी शुरू की गई, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।ईओयू की अलग-अलग टीमें फिलहाल इन ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चला रही हैं: पटना: दानापुर के आदमपुर स्थित वीनस पैराडाइज अपार्टमेंट का आलीशान फ्लैट। पटना: शहर में स्थित एक अन्य गुप्त ठिकाना। मुजफ्फरपुर: महामाया स्थान स्थित इंजीनियर का ससुराल। रोहतास:कार्यपालक अभियंता का कार्यालय। डेहरी-ऑन-सोन: अधिकारी का सरकारी आवास। बांका: रजौन थाना क्षेत्र के पीपराडीह गांव स्थित पैतृक आवास।

छापेमारी के दौरान ईओयू के अधिकारी जमीन-मकान से जुड़े अहम अचल दस्तावेज, बैंक खातों के लेन-देन का विवरण, जीवन बीमा व अन्य निवेश संबंधी कागजात के साथ-साथ नकदी और आभूषणों का बारीकी से आकलन कर रहे हैं।ईओयू के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि तलाशी पूरी होने के बाद जब्त दस्तावेजों का गहराई से विश्लेषण किया जाएगा। आय से अधिक संपत्ति के आरोप पूरी तरह प्रमाणित होने के बाद मामले में अभियोजन की सख्त कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। फिलहाल सभी ठिकानों पर जांच की कार्रवाई लगातार जारी है।



