newspatnaबिहार

श्रावण पर देकुली धाम में उमड़ेगा आस्था का जनसैलाब, सुरक्षा के इतने पुख्ता इंतजाम कि परिंदा भी न मार सके पर!

शिवहर। सावन माह के आगामी रविवार और सोमवार को देकुली धाम स्थित बाबा भुवनेश्वर नाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए उमड़ने वाली शिवभक्तों की भारी भीड़ को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। सोमवार को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से मंदिर परिसर, घाटों और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।सोमवार की भीड़ को देखते हुए रात्रि दो बजे से ही जलाभिषेक की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए परिसर के उत्तरी छोर से श्रद्धालुओं का प्रवेश सुनिश्चित किया गया है, जिसके लिए मजबूत बैरिकेडिंग की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मंदिर का मुख्य द्वार आवागमन के लिए पूरी तरह से खाली रहेगा। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एक सुरक्षित निकासी मार्ग अलग से तैयार किया गया है।

अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्लेटफॉर्म के बजाय नव-निर्मित शेड में ही पूजा-अर्चना करें।ज्यादातर श्रद्धालु डुब्बा घाट और मंदिर परिसर स्थित तालाब से जल भरते हैं। दोनों स्थानों पर तीखी ढलान होने के कारण सुरक्षा के मद्देनजर एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और आपदा मित्रों की विशेष तैनाती की जाएगी। मेला परिसर में चोरी और छिनतई की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। आपात स्थिति के लिए मेडिकल टीम, फायर ब्रिगेड और पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवक भी मुस्तैद रहेंगे।यातायात को सुचारू रखने के लिए मोतिहारी-पिपराही और मुजफ्फरपुर-तरियानी मार्ग पर विशेष रूट प्लान तैयार किया गया है। बड़े वाहनों के लिए डुब्बा घाट बांध के नीचे दोनों तरफ पार्किंग की सुदृढ़ व्यवस्था की गई है, जबकि दोपहिया वाहनों की पार्किंग मंदिर परिसर से कुछ दूरी पर कराई जाएगी।मेला परिसर में दुकान लगाने वाले सभी व्यवसायियों को जगह उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन प्रशासन ने यह सख्त नियम बनाया है कि एक परिवार से केवल एक ही दुकान लगाई जाए।

इसके अलावा श्रद्धालुओं और विशेषकर महिलाओं की सुविधा के लिए चेंजिंग रूम (वस्त्र बदलने का कक्ष) और पीएचईडी (PHED) द्वारा चलंत शौचालय की व्यवस्था की गई है। घाट पर ही नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित किया गया है, जहां शुद्ध पेयजल भी उपलब्ध रहेगा। जिला प्रशासन ने सभी शिवभक्तों से शांतिपूर्ण तरीके से दर्शन करने और प्रशासनिक नियमों का पालन करने की अपील की है।

Related Articles

Back to top button