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“कल मेरी हत्या हो सकती थी”, बीजेपी विधायक का बड़ा आरोप, सदन में जमकर हंगामा!

बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन नीट परीक्षा में कथित धांधली और पटना में छात्रों के प्रदर्शन का मुद्दा जोर-शोर से उठा। इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई, जो बाद में भारी हंगामे में बदल गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि विधानसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।

भाजपा विधायक श्याम बाबू प्रसाद यादव ने सदन में कहा कि पटना के डाकबंगला चौराहे पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान उनकी गाड़ी पर पथराव किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन की आड़ में कुछ असामाजिक और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग शामिल थे, जिन्होंने उनकी गाड़ी को निशाना बनाया। उनका कहना था कि इस घटना में उनकी जान भी जा सकती थी। उन्होंने कहा, “कल मेरी हत्या हो सकती थी।”

भाजपा विधायक ने यह भी कहा कि छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन का फायदा कुछ राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों ने उठाया और माहौल खराब करने की कोशिश की। उनके अनुसार, ऐसे लोगों ने प्रदर्शन को हिंसक बनाने का प्रयास किया, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई।

श्याम बाबू प्रसाद यादव के इस बयान पर विपक्ष के सदस्यों ने कड़ा विरोध जताया। विपक्ष का कहना था कि विधायक के आरोप पूरी तरह गलत और राजनीतिक हैं। विरोध करते हुए कई विपक्षी विधायक अपनी सीटों से उठकर सदन के बीच में आ गए और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।

हंगामा बढ़ने पर विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर अड़े रहे। लगातार शोर-शराबे और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से नहीं चल सकी। आखिरकार अध्यक्ष को कुछ समय के लिए कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

गौरतलब है कि नीट परीक्षा में कथित धांधली को लेकर पटना में बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रदर्शन किया था। छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति भी बनी थी, जिसके बाद यह मामला राजनीतिक रूप से और अधिक गरमा गया।

अब यह मुद्दा सड़क से लेकर विधानसभा तक पहुंच चुका है। सत्ता पक्ष का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा फैलाने की कोशिश की गई, जबकि विपक्ष सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने और असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगा रहा है।

फिलहाल इस पूरे मामले ने बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक ओर भाजपा विधायक अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष उनके आरोपों को बेबुनियाद बता रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

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