
राजधानी पटना में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा पूरे धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ निकाली गई। इस्कॉन मंदिर से शुरू हुई इस यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। “हरे राम-हरे कृष्ण” के जयघोष से पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूब गया और रथयात्रा मार्ग पर आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
रथयात्रा की शुरुआत से पहले बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की विशेष पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने परंपरा के अनुसार रथ के आगे झाड़ू लगाकर सेवा भाव का संदेश दिया और रथ की डोरी खींचकर यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी सहित कई मंत्री, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा 40 फीट ऊंचे हाइड्रोलिक रथ पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देने निकले। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे रास्ते भक्तों ने जयकारों के साथ प्रभु का स्वागत किया।
रथयात्रा को भव्य बनाने के लिए पूरे मार्ग को विशेष रूप से सजाया गया था। रंग-बिरंगी रंगोलियों से रास्ते को आकर्षक बनाया गया, जिन्हें तैयार करने के लिए देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी कलाकार पहुंचे थे। यात्रा के दौरान भगवान के रथ और श्रद्धालुओं पर लगातार फूलों की वर्षा की गई। हेलिकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा ने इस धार्मिक आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया।
दोपहर 12 बजे से रात 9 बजे तक मंदिर परिसर और रथयात्रा मार्ग पर लगातार भजन-कीर्तन और संकीर्तन का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इसमें भाग लेकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस अवसर की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर साझा करते हुए लिखा कि पुरी की विश्वविख्यात रथयात्रा की पावन परंपरा से जुड़ना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की यह दिव्य यात्रा श्रद्धा, सेवा, समरसता और लोककल्याण का संदेश देती है। अंत में उन्होंने “जय जगन्नाथ” का उद्घोष करते हुए सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।



