
बिहार के छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार ने इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी करने वाले मेधावी विद्यार्थियों के लिए मुफ्त JEE और NEET कोचिंग की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना के 10 मॉडल स्कूलों से इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया। इसके तहत छात्र बिना किसी शुल्क के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
पहले चरण में 518 छात्रों ने कराया पंजीकरण
सरकार की इस नई पहल को छात्रों का सकारात्मक प्रतिसाद मिला है। शुरुआती चरण में JEE के लिए 266 और NEET के लिए 252, यानी कुल 518 छात्रों ने नामांकन कराया है। सरकार का लक्ष्य जल्द ही इस सुविधा का विस्तार राज्य के 155 मॉडल स्कूलों तक करना है, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को इसका लाभ मिल सके।
आधुनिक तकनीक से होगी पढ़ाई
इस योजना के तहत विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षकों की देखरेख में स्मार्ट क्लास के माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी। साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराया जाएगा। छात्रों की शंकाओं के समाधान के लिए विशेष डाउट क्लियरिंग सेशन आयोजित होंगे और हर 15 दिन पर टेस्ट लेकर उनकी तैयारी का नियमित आकलन किया जाएगा।
‘बिहार स्कूल लाइव क्लासेज’ का भी शुभारंभ
पटना के शास्त्रीनगर स्थित राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘बिहार स्कूल लाइव क्लासेज’ का भी शुभारंभ किया। इसी कार्यक्रम के दौरान बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ऑनलाइन कोचिंग योजना के तहत 10 मॉडल स्कूलों में मुफ्त JEE-NEET कोचिंग की शुरुआत की गई।
छात्रों को मेहनत करने की दी सलाह
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लाइव क्लास से जुड़े विद्यार्थियों से संवाद किया और पढ़ाई की व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने छात्रों को पूरी लगन और मेहनत के साथ पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि निरंतर प्रयास से ही सफलता हासिल की जा सकती है।
प्रतिभाशाली छात्रों का हुआ सम्मान
इस अवसर पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित भी किया गया। मुख्यमंत्री ने उन्हें उत्कृष्टता प्रमाण पत्र प्रदान कर उनकी उपलब्धियों की सराहना की।
AI और आधुनिक शिक्षा पर सरकार का फोकस
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा विभाग ने सात स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), STEM शिक्षा, कोडिंग, डिजाइन थिंकिंग, शिक्षक प्रशिक्षण, AI आधारित मूल्यांकन और डेटा आधारित शिक्षा प्रबंधन जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह पहल बिहार की स्कूली शिक्षा को तकनीक के साथ जोड़कर नई दिशा देगी।



