
बिहार में ग्रामीण रोजगार को नई दिशा देने वाली ‘विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका गारंटी (VB GRAM-G)’ योजना गुरुवार से आधिकारिक रूप से लागू हो गई। राज्य स्तर पर इसका शुभारंभ ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने अधिवेशन भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया। यह योजना केंद्र सरकार की नई पहल के तहत देशभर में लागू की गई है।
कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित करते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी तिरुपति से जुड़े। इस अवसर पर योजना से संबंधित कंपेंडियम का विमोचन भी किया गया।
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत अब श्रमिकों की मजदूरी में बिहार सरकार को भी आर्थिक भागीदारी करनी होगी। उन्होंने कहा कि मजदूरी मद में राज्य को लगभग 4,500 करोड़ रुपये का हिस्सा देना होगा, जबकि पहले इस मद में राज्य सरकार को कोई योगदान नहीं देना पड़ता था।
उन्होंने जानकारी दी कि योजना के प्रभावी संचालन के लिए केंद्र सरकार ने बिहार के लिए 6,715 करोड़ रुपये का अंतरिम बजट निर्धारित किया है। साथ ही राज्य सरकार ने भी अकुशल श्रमिकों की मजदूरी के लिए अपने बजट में पर्याप्त राशि का प्रावधान किया है।
मंत्री ने कहा कि VB GRAM-G योजना का प्रमुख उद्देश्य ग्राम पंचायतों में स्थायी और टिकाऊ बुनियादी ढांचे का निर्माण करना है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों को आपदाओं से अधिक सुरक्षित बनाने के लिए पंचायतों को आपदा प्रबंधन से जुड़ी नई परियोजनाएं अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
कार्यक्रम में ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने कहा कि मनरेगा की लगभग दो दशक की यात्रा के बाद यह नई योजना ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आई है। उन्होंने कहा कि इस नई व्यवस्था को लागू करने से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का अवसर मिलना उनके लिए गौरव की बात है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
सरकार का मानना है कि VB GRAM-G योजना के लागू होने से ग्रामीण रोजगार को नई मजबूती मिलेगी, गांवों में आधारभूत ढांचे का विकास तेज होगा और ग्रामीण आजीविका को अधिक स्थायी आधार मिल सकेगा।



