
भोजपुर। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर आज भोजपुर जिले के शाहपुर पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी के परिजनों से मुलाकात की। पीके ने पीड़ित परिवार से मिलकर ढाढस बंधाया और उसके बाद गांव में आयोजित ‘श्रद्धांजलि सह महापंचायत सभा’ में भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि पीड़ित परिवार को सरकार से कोई भीख, पैसा या नौकरी नहीं चाहिए, उन्हें सिर्फ और सिर्फ न्याय चाहिए।महापंचायत को संबोधित करने के बाद मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। पीके ने कहा: “न्याय का मतलब यह कतई नहीं है कि यहां के स्थानीय थानेदार को सस्पेंड कर दिया जाए या डीएसपी पर दिखावे की कार्रवाई हो। न्याय तब होगा जब उन लोगों की जांच होगी और उन पर कार्रवाई होगी, जिन्होंने पटना में बैठकर इस बच्चे को मारने का आदेश दिया था। जिन्होंने हत्या की, उनके साथ-साथ उनके आकाओं को भी बेनकाब किया जाना चाहिए।प्रशांत किशोर ने नीतीश-सम्राट सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ने इस पूरे मामले को शुरू से ही पूरी तरह से मिसहैंडल (गलत तरीके से संभालना) किया है।
अब जब चौतरफा सामाजिक और राजनीतिक दबाव बढ़ा है, तो सरकार के बड़े लोग अपनी जान बचाने के लिए छोटे प्रशासनिक पदाधिकारियों की बलि चढ़ाना चाह रहे हैं। उन्होंने अपनी बात को मजबूती देने के लिए बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हालिया बयान का भी हवाला दिया और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए।भरत भूषण तिवारी के सामाजिक योगदान को याद करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि वे किसी निजी स्वार्थ या अपनी व्यक्तिगत लड़ाई में नहीं मारे गए। गंगा के भीषण कटाव के कारण जमुनिया गांव के लगभग 80 परिवार विस्थापित होकर यहां आए थे।
भरत तिवारी इन बेघर और विस्थापित लोगों को बिजली, पानी और बुनियादी सुविधाएं दिलाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे थे। वे समाज के दबे-कुचले लोगों की आवाज बने हुए थे। शाहपुर में हुई इस महापंचायत और प्रशांत किशोर के तीखे बयानों के बाद अब भोजपुर एनकाउंटर का यह मामला पूरी तरह गरमा गया है। स्थानीय जनता और जन सुराज ने अब इस लड़ाई को पटना के गलियारों तक ले जाने का साफ संकेत दे दिया है।



