
पटना: बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने विभाग की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए राजस्व प्रशासन में बड़े बदलावों का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में भूमि प्रबंधन को पूरी तरह तकनीक आधारित बनाया जा रहा है, ताकि भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।मंत्री ने बताया कि विभाग में होने वाली अनियमितताओं और बिचौलियों के खेल को खत्म करने के लिए ऑफलाइन अभिलेख और रसीद देने की पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया गया है। अब राज्य में केवल ऑनलाइन रसीद जारी करने की व्यवस्था लागू की गई है। इस डिजिटल कदम से आम जनता को अंचल कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी और भूमि संबंधी डेटा पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी रहेगा।
विभाग में कामकाज की रफ्तार बढ़ाने और मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए 8,054 पदों पर सीधी नियुक्तियां होंगी। पैमाइश और भूमि नक्शा सुधार कार्यों के लिए 765 नए पदों पर प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। एक अनोखे फैसले के तहत वर्तमान में निलंबित चल रहे राजस्व कर्मियों को खाली बैठाने के बजाय गांव-गांव में चल रहे भूमि सर्वेक्षण महाअभियान में लगाया जाएगा। राज्य में भूमि संबंधी विवादों के त्वरित समाधान के लिए विभाग द्वारा विशेष संयुक्त शिविरों का आयोजन किया गया था। इन शिविरों के तहत 15 जून 2026 तक कुल 81,371 आवेदन प्राप्त हुए। विभाग ने तत्परता दिखाते हुए रिकॉर्ड समय में इनमें से 68,242 मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन कर दिया है, जबकि शेष आवेदनों पर तेजी से काम चल रहा है।

मंत्री दिलीप जायसवाल ने भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी भूमि पर से अतिक्रमण हटाने के लिए जल्द ही राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही सरकार खास महल की जमीनों को होल्ड-फ्री (Hold-Free) करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है, जिससे विकास कार्यों को गति मिलेगी।




