बिहार

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बिहार विधानसभा में योग और ध्यान कार्यक्रम का आयोजन:

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शनिवार को बिहार विधानसभा परिसर में योग और ध्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ब्रह्मकुमारी संस्था की ओर से आयोजित किया गया, जिसमें बिहार विधानसभा अध्यक्ष Prem Kumar समेत कई मंत्री, विधायक और अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक योगाभ्यास से हुई। इसमें मौजूद लोगों ने अलग-अलग योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। सभी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। विधानसभा परिसर का माहौल पूरी तरह से योगमय और सकारात्मक नजर आया।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने प्रदेशवासियों और देशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सदियों से हमारे देश में योग के जरिए शरीर और मन को स्वस्थ रखने की परंपरा रही है।

उन्होंने कहा कि आज योग केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में इसकी पहचान बन चुकी है। दुनिया के कई देशों के लोग योग को अपने जीवन का हिस्सा बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को मान्यता दी। इसके बाद हर साल 21 जून को दुनिया भर में योग दिवस मनाया जाता है।

प्रेम कुमार ने कहा कि योग सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मानसिक और आध्यात्मिक शांति का भी माध्यम है। नियमित रूप से योग करने से शरीर स्वस्थ और ऊर्जावान रहता है। साथ ही, मन शांत रहता है और तनाव कम होता है। योग व्यक्ति को सकारात्मक सोच और बेहतर जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है।

उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के सामने तनाव, चिंता और कई स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे समय में योग की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि लोग रोजाना कुछ समय योग और ध्यान के लिए निकालें, तो वे कई बीमारियों से बच सकते हैं और बेहतर जीवन जी सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान ब्रह्मकुमारी संस्था के सदस्यों ने योग और ध्यान के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। योग प्रशिक्षकों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम करने के सही तरीके बताए। उन्होंने यह भी समझाया कि नियमित योग करने से शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य बेहतर होता है।

कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों ने योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि स्वस्थ और खुशहाल समाज के निर्माण के लिए योग को हर घर तक पहुंचाना जरूरी है। योग न केवल व्यक्ति को स्वस्थ बनाता है, बल्कि समाज में सकारात्मकता और संतुलन भी बढ़ाता है।

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