रिश्वत मामले में रोहतास के अंचलाधिकारी निलंबित, 10 अधिकारियों का तबादला

बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने राज्य के 10 अंचलाधिकारियों (सीओ) का तबादला कर दिया है। वहीं, रोहतास जिले के अंचलाधिकारी आकाश कुमार रौनियार को रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।
रिश्वत लेते हुए हुई थी गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) की टीम ने 22 मई को आकाश कुमार रौनियार को तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने कार्रवाई की और उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद इस मामले की जांच शुरू की गई।
इस घटना के सामने आने के बाद सरकार ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है।
मंत्री ने दी जानकारी
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री Dilip Kumar Jaiswal ने सोमवार को इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आकाश कुमार रौनियार को उनकी गिरफ्तारी की तारीख यानी 22 मई से ही निलंबित माना जाएगा।मंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में सरकार की नीति पूरी तरह सख्त है और किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को गलत काम करने पर बख्शा नहीं जाएगा।
निलंबन अवधि में सारण होगा मुख्यालय
सरकार के आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान आकाश कुमार रौनियार का मुख्यालय सारण प्रमंडल आयुक्त कार्यालय निर्धारित किया गया है। इसका मतलब है कि निलंबन के समय उन्हें वहीं से संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन करना होगा।यदि वे जेल से बाहर आते हैं, तो उन्हें सबसे पहले सारण प्रमंडल आयुक्त कार्यालय में जाकर अपना योगदान देना होगा। इसके बाद विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी।
10 अंचलाधिकारियों का भी हुआ तबादला
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए राज्य के 10 अंचलाधिकारियों का तबादला भी किया है। विभाग का कहना है कि यह एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसके तहत अधिकारियों को अलग-अलग जिलों और अंचलों में नई जिम्मेदारियां दी जाती हैं।तबादले का उद्देश्य राजस्व और भूमि से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना तथा आम लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।
भ्रष्टाचार पर सरकार की सख्ती
बिहार सरकार लगातार भ्रष्टाचार के मामलों पर नजर रख रही है। हाल के वर्षों में निगरानी विभाग ने कई अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। सरकार का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई की जा रही है।अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि यदि कोई व्यक्ति अपने पद का गलत इस्तेमाल करता है या रिश्वत मांगता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई होगी।
लोगों में बढ़ी उम्मीद
रोहतास के अंचलाधिकारी के खिलाफ हुई कार्रवाई को लोग सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी नीति से जोड़कर देख रहे हैं। आम लोगों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई होने से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी और जनता को बिना किसी परेशानी के सेवाएं मिल सकेंगी।सरकार का कहना है कि प्रशासन को ईमानदार, जवाबदेह और जनता के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।



