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खान सर के कोचिंग संस्थान पर गहराया विवाद: 50 लाख के निवेश, अवैध कब्जे और जान से मारने की धमकी के गंभीर आरोप

बिहार की राजधानी पटना के प्रतिष्ठित कोचिंग संचालक और खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक फैसल खान उर्फ खान सर एक बार फिर बड़े विवाद के घेरे में आ गए हैं। पटना एसएसपी कार्यालय में उनके खिलाफ एक नया और गंभीर शिकायत आवेदन दिया गया है, जिसमें संस्थान से जुड़े वित्तीय विवाद, अवैध कब्जे, धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने जैसे संगीन आरोप लगाए गए हैं।शिकायतकर्ता निखिल कुमार उर्फ रंजीत कुमार सिंह ने एसएसपी को दिए आवेदन में दावा किया है कि उन्होंने वर्ष 2019 में इस कोचिंग संस्थान की स्थापना और उसे जमीन पर उतारने के लिए करीब 50 लाख रुपये का भारी-भरकम निवेश किया था। आरोप है कि निवेश करने के बाद उन्हें धीरे-धीरे संस्थान से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया और कोचिंग सेंटर पर पूरी तरह से अवैध कब्जा कर लिया गया।

धोखाधड़ी से लेकर धन की हेराफेरी तक के आरोप

शिकायत में केवल निवेश हड़पने तक की बात नहीं है, बल्कि मामले को और गंभीर बनाते हुए कई अन्य बड़े आरोप भी मढ़े गए हैं। आवेदन के मुताबिक, संस्थान के संचालन में विश्वासघात, धोखाधड़ी, धन की हेराफेरी, कर चोरी, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और भोले-भाले छात्रों को गुमराह करने जैसे कृत्य किए गए हैं। हालांकि, ये सभी बिंदु अभी शिकायतकर्ता के दावे के दायरे में हैं और पुलिसिया जांच के बाद ही इनकी सत्यता सामने आ सकेगी। विवाद का दायरा केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं रहा है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उन्हें बीते 25 जून से लगातार धमकियां मिल रही हैं। उनका आरोप है कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है, जिससे उनका पूरा परिवार दहशत के साये में जीने को मजबूर है। उन्होंने प्रशासन से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है।

एसएसपी के निर्देश पर एसडीपीओ करेंगे तहकीकात

मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना एसएसपी कार्यालय ने इसकी जांच की कमान एसडीपीओ सिटी-01 को सौंप दी है। पुलिस अब वर्ष 2019 के निवेश से जुड़े दस्तावेजों, स्वामित्व के कागजातों, बैंक ट्रांजैक्शन और धमकी से जुड़े कॉल रिकॉर्ड्स की गहन पड़ताल करने जा रही है। जरूरत पड़ने पर दोनों पक्षों से पूछताछ भी की जाएगी।कोचिंग जगत के इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है, लेकिन इस शिकायत ने फिलहाल सियासी और शैक्षणिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

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