
राजधानी स्थित बेऊर केंद्रीय कारा (जेल) के पांच निलंबित अधिकारियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। जेल अधीक्षक की लिखित शिकायत के आधार पर बेऊर थाने में इन सभी के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सघन जांच शुरू कर दी है।आरोपित अधिकारियों पर बिना पूर्व अनुमति के जेल परिसर में प्रवेश करने और महत्वपूर्ण सरकारी रजिस्टरों व अभिलेखों के साथ छेड़छाड़ करने का गंभीर आरोप है। इसे सीधे तौर पर बिहार जेल मैनुअल का उल्लंघन तथा जेल की सुरक्षा एवं गोपनीयता के साथ बड़ा समझौता माना जा रहा है।
विदित हो कि बीते 20 जून को बेऊर जेल में सघन छापेमारी अभियान चलाया गया था। इस दौरान कई गंभीर अनियमितताएं प्रकाश में आई थीं। इसके परिणामस्वरूप, विभाग ने एक डिप्टी जेलर और असिस्टेंट जेलर सहित पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। अब निलंबन के बाद उनके द्वारा जेल परिसर में जाकर रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की कोशिश ने मामले को और गंभीर बना दिया है।बेऊर थाना पुलिस ने मामला दर्ज करने के साथ ही आगे की कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस सभी आरोपित अधिकारियों को नोटिस भेजकर पूछताछ की तैयारी कर रही है। प्रशासन पूरे प्रकरण के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहा है।



