
पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में संगठन को चुस्त-दुरुस्त और आक्रामक बनाने के लिए शीर्ष नेतृत्व ने एक बड़ा कदम उठाया है। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के निर्देश पर बिहार में राजद की जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर की सभी सांगठनिक इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। इसके साथ ही पार्टी के सभी प्रकोष्ठों और संबद्ध इकाइयों को भी निरस्त कर दिया गया है। इस अप्रत्याशित फैसले से पार्टी के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है।राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है। जारी पत्र के अनुसार, पार्टी के पूर्व में निर्गत आदेश (पत्रांक 101, दिनांक 22.01.2025) को निरस्त करते हुए संगठन की पूरी रूपरेखा को नए सिरे से गढ़ने का ऐलान किया गया है। प्रदेश प्रधान महासचिव रणविजय साहू ने इस फैसले की प्रतिलिपि सूचनार्थ व कार्यार्थ सभी संबंधित पदाधिकारियों को भेज दी है।राजनीतिक जानकारों की मानें तो इस कड़े फैसले की पटकथा बांकीपुर उपचुनाव के घटनाक्रम के बाद ही लिखी जा चुकी थी। सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व जमीनी स्तर पर संगठन की पकड़ और कई पदाधिकारियों की सुस्ती से नाराज था।

चुनावी समीक्षा के बाद यह निष्कर्ष निकला गया कि संगठन में आमूलचूल बदलाव किए बिना जमीनी स्तर पर मतदाताओं को लामबंद करना मुश्किल है।राजद नेतृत्व का स्पष्ट मानना है कि संगठन को अब एक नई ऊर्जा की आवश्यकता है। आधिकारिक पत्र में भी यह स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश के सभी स्तरों की स्थानापन्न समितियों के पुनर्गठन की कार्रवाई शीघ्र प्रारंभ की जाएगी। माना जा रहा है कि नई कमेटियों में तेजस्वी यादव की सोच के अनुरूप युवाओं, समर्पित और संघर्षशील कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।



