
पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हथियार तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मजुराहा फायरिंग रेंज के पास से हथियारों की एक बड़ी खेप के साथ गिरोह के मुख्य सरगना को धर दबोचा है। गिरफ्तार तस्कर के पास से पांच अत्याधुनिक पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस और दस मैगजीन बरामद की गई हैं। इस सनसनीखेज कार्रवाई से जिले के आपराधिक जगत में हड़कंप मच गया है।गुप्त सूचना पर रची गई घेराबंदीपूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के नेतृत्व में अपराध नियंत्रण को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस को 19 अगस्त की शाम को एक गुप्त सूचना मिली थी कि मजुराहा फायरिंग रेंज के आसपास एक संदिग्ध व्यक्ति भारी मात्रा में अवैध हथियारों की खेप की डिलीवरी देने पहुंचने वाला है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए सदर-1 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दिलीप कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया और तुरंत बताए गए स्थान पर जाल बिछाया गया।संदिग्ध हालत में झोला लेकर पहुंचा था सरगनानिगरानी के दौरान पुलिस ने देखा कि कंधे पर एक झोला टांगे एक संदिग्ध व्यक्ति उस ओर आ रहा है। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसे घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया। जब उसके पास मौजूद झोले की तलाशी ली गई, तो पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए। झोले के अंदर से एक-दो नहीं बल्कि पांच आधुनिक पिस्टल, दस मैगजीन और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए।समस्तीपुर का रहने वाला है मुख्य सरगनापकड़े गए आरोपी की पहचान समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मुस्तफापुर निवासी नूर मोहम्मद के पुत्र मो. अहमद के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि वह इस अवैध हथियार तस्करी गिरोह का मुख्य सरगना है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में हथियार मिलने के बाद पुलिस अब उसके आपराधिक इतिहास और संपर्कों को खंगालने में जुट गई है।स्रोत और खरीदारों की तलाश में छापेमारी तेजपुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि हथियारों की यह बड़ी खेप आखिरकार कहां से लाई गई थी और मोतिहारी या आसपास के इलाकों में इसे किन अपराधियों या गिरोहों तक पहुंचाया जाना था। नेटवर्क से जुड़े अन्य गुर्गों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा संदिग्ध ठिकानों पर लगातार ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में रघुनाथपुर थानाध्यक्ष सह पुलिस अवर निरीक्षक धनंजय कुमार, पुलिस निरीक्षक धर्मवीर कुमार भारती, तुरकौलिया थाना और जिला आसूचना इकाई (DIU) मोतिहारी के सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों को भी बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।



