
हाजीपुर। वैशाली जिले के एकदिवसीय दौरे पर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने गुरुवार को हाजीपुर सदर अस्पताल का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल की बदहाल व्यवस्था और डॉक्टरों की लापरवाही उजागर होने पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने दो टूक शब्दों में निर्देश दिया कि अस्पताल पहुंचने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले और बिना प्राथमिक जांच व आवश्यक उपचार के किसी भी मरीज को रेफर न किया जाए।
लापरवाह डॉक्टरों पर कार्रवाई के निर्देश
इमरजेंसी और माइनर ओटी की जांच के दौरान पाया गया कि कुछ मरीजों को बिना किसी प्राथमिक चिकित्सकीय प्रक्रिया के ही उच्च संस्थानों के लिए रेफर कर दिया गया था। जांच में डॉ. सुमन आनंद द्वारा मरीज मीना देवी और डॉ. रतन प्रकाश द्वारा मरीज अमित कुमार को केवल पेट दर्द की शिकायत पर बिना जांच के रेफर करने का मामला सामने आया। इस पर मंत्री ने सख्त ऐतराज जताते हुए अधिकारियों को पूरे मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं, आईसीयू वार्ड से गैरहाजिर मिले डॉ. सौरभ प्रकाश से न्यायालय समन से संबंधित कागजात तलब किए गए हैं। दवा काउंटर के निरीक्षण के दौरान ऑनलाइन डेटा तो दर्ज मिला, लेकिन फार्मासिस्ट विवेक वर्धन का ऑफलाइन स्टॉक रजिस्टर पूरी तरह अद्यतन नहीं था। स्वास्थ्य मंत्री ने इस लापरवाही पर असंतोष व्यक्त करते हुए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों में दवाओं का सटीक रिकॉर्ड रखने और एंटी-रेबीज जैसी जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने का आदेश दिया।



