
पटना। वैशाली जिले में बाढ़ पीड़ितों का हालचाल जानने निकले विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा में एक बड़ी प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। अपने विधानसभा क्षेत्र राघोपुर के तेरसिया इलाके के दौरे पर जा रहे तेजस्वी यादव जिस SDRF की नाविक बोट पर सवार थे, बीच नदी में अचानक उसकी हवा निकलने लगी। आनन-फानन में उन्हें कार्यकर्ताओं की मदद से निजी नाव के जरिए सुरक्षित आगे की यात्रा पूरी करनी पड़ी। महात्मा गांधी सेतु के पाया नंबर एक से जैसे ही SDRF की बोट नदी की ओर बढ़ी, कुछ ही दूरी पर उसमें लीकेज होने लगा। बोट की हवा लगातार निकलने से सुरक्षाकर्मियों में हड़कंप मच गया। SDRF के जवान लगातार पंप से हवा भरने का प्रयास करते रहे, लेकिन रिसाव बंद नहीं हुआ। सुरक्षा जोखिम को देखते हुए कार्यकर्ताओं ने तुरंत तेजस्वी यादव को एक निजी नाव पर सवार कराया, जिसके बाद उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत सामग्री वितरित की।
बीच दरिया में लीकेज, जवानों के हाथ-पांव फूले
घटना के बाद मीडिया से बातचीत में तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “जर्जर नाव की हवा निकलना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि राज्य सरकार की पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। जब नेता प्रतिपक्ष को दी गई नाव का यह हाल है, तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।” उन्होंने आरोप लगाया कि जनता दाने-दाने को तरस रही है और अधिकारी सिर्फ हवाई दौरों में व्यस्त हैं। राजद खेमे ने इसे सुरक्षा में गंभीर सेंध करार दिया है। पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम ने कहा कि यह महज इत्तेफाक नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश हो सकती है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। क्षेत्र में यह भी चर्चा का विषय है कि तीन दिन पूर्व केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के दौरे पर वैशाली डीएम खुद नाव पर मौजूद थीं, जबकि नेता प्रतिपक्ष के दौरे में भारी लापरवाही बरती गई।



