
दिल्ली में CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) द्वारा आयोजित संसद मार्च के दौरान राजनीतिक माहौल गरमा गया। NEET मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के बीच पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव की प्रतिक्रिया भी सामने आई। उन्होंने सीधे प्रदर्शन का उल्लेख किए बिना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर तीखी टिप्पणी की।
PM मोदी को दी मर्यादा बनाए रखने की सलाह
अपने पोस्ट में पप्पू यादव ने लिखा कि प्रधानमंत्री को अपने पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्तिगत स्तर पर मर्यादा की परवाह नहीं है, तो कम से कम प्रधानमंत्री पद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। पोस्ट के अंत में उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि वह “प्रधानमंत्री की बात कर रहे हैं, किसी 76 साल के बच्चे की नहीं, जिसे मर्यादा और गरिमा की समझ न हो |
संसद पहुंचे अलग अंदाज में
मानसून सत्र के पहले दिन संसद पहुंचने पर पप्पू यादव का विरोध करने का तरीका भी चर्चा का विषय बना। वह अपनी पीठ पर एक बैनर लटकाकर संसद पहुंचे, जिसके जरिए उन्होंने अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा घोटाले का मुद्दा उठाया।
बैनर पर सरकार से किए सवाल
पप्पू यादव के बैनर पर सरकार से कई सवाल पूछे गए थे। उसमें लिखा था कि चंदे में कथित गड़बड़ी पर सरकार क्यों चुप है और इस पूरे मामले के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। साथ ही धार्मिक आस्था के नाम पर कथित अनियमितताओं की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई।
राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज
NEET विवाद, संसद मार्च और मानसून सत्र की शुरुआत के बीच पप्पू यादव के इस बयान और विरोध के तरीके ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया। उनके सोशल मीडिया पोस्ट और संसद परिसर में किए गए प्रदर्शन की चर्चा पूरे दिन राजनीतिक गलियारों में होती रही।



