
भोजपुर के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच ने अब रफ्तार पकड़ ली है। मामले की सच्चाई तक पहुंचने के लिए गठित न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष और पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा गुरुवार को भरत भूषण तिवारी के गांव बिलौटी पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनका पक्ष सुना और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया।
परिवार से बातचीत के दौरान न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा ने कहा कि वे परिवार की पीड़ा और दर्द को महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद परिवार का दुखी होना स्वाभाविक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच का उद्देश्य केवल घटना की सच्चाई सामने लाना ही नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जरूरी सुधारों की पहचान करना भी है।
जांच आयोग के अध्यक्ष ने परिवार से जांच में पूरा सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े फोटो, वीडियो, मोबाइल रिकॉर्डिंग या किसी भी प्रकार के साक्ष्य आयोग को उपलब्ध कराए जाएं, ताकि हर पहलू की गहराई से जांच की जा सके और किसी भी तथ्य को नजरअंदाज न किया जाए।
मुलाकात के दौरान भरत भूषण तिवारी के भाई ने उनके मोबाइल फोन को वापस दिलाने की मांग उठाई। परिवार का कहना था कि मोबाइल फिलहाल पुलिस के कब्जे में है और उसमें मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य हो सकते हैं। इस पर न्यायमूर्ति सिन्हा ने आश्वासन दिया कि वे इस विषय में जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से बात करेंगे।
परिवार ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जाहिर की। उनका कहना था कि घटना के बाद से पूरे परिवार में भय का माहौल है। इस पर आयोग अध्यक्ष ने भरोसा दिलाया कि प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
वहीं भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी और पिता काशीनाथ तिवारी ने कथित दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि परिवार को न्याय चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा ने परिवार को आश्वस्त किया कि जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की जाएगी। किसी भी स्तर पर तथ्यों को छिपाया नहीं जाएगा और जो भी सच्चाई होगी, उसे सामने लाया जाएगा।
आयोग अध्यक्ष के गांव पहुंचने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी वहां जुट गए। जांच टीम ने ग्रामीणों से भी बातचीत की और मामले से जुड़ी जानकारियां एकत्र कीं। अब सबकी निगाहें न्यायिक जांच की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस बहुचर्चित एनकाउंटर मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद की जा रही है।



