
पटना। बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद तस्कर अवैध शराब की खेप पहुंचाने के लिए नित नए और चौंकाने वाले हथकंडे अपना रहे हैं। इसी कड़ी में समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर रेल सुरक्षा एजेंसियों ने एक हाई-प्रोफाइल शराब तस्करी का भंडाफोड़ किया है। तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए इस बार वीआईपी समझे जाने वाले एसी फर्स्ट क्लास (H-1) कोच का सहारा लिया था। आधुनिक और महंगे लिबास में सफर कर रही एक युवती और उसके साथी को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से लगभग 75 लीटर महंगी विदेशी शराब बरामद की गई है। देखने में युवती किसी मॉडल जैसी लग रही थी, लेकिन जब पुलिस ने शक के आधार पर उसके वीआईपी सूटकेस खुलवाए, तो उसकी पोल खुल गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल), जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) और सीआईबी की टीम को मुखबिरों से गुप्त सूचना मिली थी कि स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के प्रथम श्रेणी वातानुकूलित कोच में शराब की एक बड़ी खेप बिहार लाई जा रही है। इस पक्की सूचना के आधार पर टीम ने समस्तीपुर जंक्शन पर ट्रेन के पहुंचते ही H-1 कोच की घेराबंदी कर दी। संदिग्ध यात्रियों और उनके सामान की तलाशी का सघन अभियान शुरू किया गया। इसी दौरान एक सीट पर बैठे युवक-युवती के महंगे ट्रॉली बैग और सूटकेस की जब जांच की गई, तो अधिकारी भी दंग रह गए। कपड़ों के नीचे विदेशी शराब की बोतलें करीने से सजाकर रखी गई थीं।
गुप्त सूचना पर संयुक्त टीम ने की छापेमारी
पुलिस के अनुसार, मौके से जब्त की गई शराब की कुल मात्रा करीब 75 लीटर है। पुलिस ने तुरंत शराब को जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़ी गई 25 वर्षीय युवती की पहचान नेहा कुमारी के रूप में हुई है, जो समस्तीपुर जिले के ही सिंघिया घाट थाना क्षेत्र स्थित बारी गांव की रहने वाली है। वहीं, उसके साथ गिरफ्तार 31 वर्षीय युवक की पहचान ईशान कुमार के तौर पर हुई है, जो हरियाणा के करनाल का निवासी बताया जा रहा है। दोनों के पहनावे और हाव-भाव से कोई यह अंदाजा भी नहीं लगा सकता था कि वे तस्कर हैं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि शराब की यह खेप दिल्ली या हरियाणा से बिहार लाई जा रही थी। हालांकि, इतनी बड़ी मात्रा में शराब का असल खरीदार कौन था और इसके पीछे कौन सा सफेदपोश माफिया काम कर रहा है, इसका खुलासा होना अभी बाकी है। रेल पुलिस अब दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह किसी बड़े सिंडिकेट का काम है, जो संभ्रांत दिखने वाले युवाओं को ‘कैरियर’ (सामान ढोने वाले) के रूप में इस्तेमाल कर रहा है ताकि पुलिस को उन पर शक न हो।
हरियाणा का युवक और समस्तीपुर की युवती गिरफ्तार
बिहार में शराबबंदी के बीच तस्कर अब सड़क मार्ग की बजाय ट्रेनों को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं। एसी कोच में आमतौर पर चेकिंग कम होती है, जिसका फायदा उठाकर शराब माफिया महंगे टिकट खरीदकर तस्करी करवा रहे हैं। जीआरपी अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ में मिलने वाले सुरागों के आधार पर आगे की छापेमारी भी की जाएगी।



