
The Bihar Report l पश्चिम चंपारण के चनपटिया थाना क्षेत्र में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। घरेलू विवाद से आक्रोशित एक कलयुगी पिता ने अपनी पत्नी और तीन अबोध बच्चों को उफनती नहर में फेंक दिया। इस दिल दहला देने वाले हादसे में तीनों मासूम बच्चों की पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, बच्चों की मां किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाने में सफल रही। मृत बच्चों में रितेश कुमार (5 वर्ष), अंशु कुमारी (3 वर्ष) और मात्र तीन महीने की दुधमुंही बच्ची प्रियांशी शामिल हैं। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद तीनों शवों को नहर से बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच (GMCH) बेतिया भेज दिया है।मिली जानकारी के अनुसार, यह हृदयविदारक घटना चनपटिया प्रखंड के छौरहिया गांव के समीप नहर में मंगलवार की अहले सुबह करीब 3 बजे की है। आरोपी रामबाबू यादव (30 वर्ष) और उसकी पत्नी ललिता देवी (28 वर्ष) की शादी वर्ष 2016 में हुई थी।

घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से भाग निकला। इधर, ललिता देवी किसी तरह सुरक्षित बाहर निकलीं और बदहवास हालत में मझौलिया थाना क्षेत्र के बिरवा गांव स्थित अपने मायके पहुंचीं। पीड़िता ने जब परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई, तो कोहराम मच गया। इसके बाद आक्रोशित मायके वालों ने तत्काल छौरहिया गांव पहुंचकर आरोपी पति रामबाबू यादव को घेराबंदी कर पकड़ लिया और चनपटिया थाना पुलिस को सुपुर्द कर दिया।इस खौफनाक कांड में पति और पत्नी दोनों एक-दूसरे पर बच्चों की हत्या का आरोप मढ़ रहे हैं, जिससे मामला पेचीदा हो गया है। पीड़ित पत्नी ललिता देवी ने पुलिस को दिए बयान में रोंगटे खड़े करने वाला आरोप लगाया है। उसका कहना है, “पति हमेशा शराब के नशे में रहता है और अक्सर मारपीट करता है। सोमवार रात भी विवाद हुआ। इसके बाद वह मायके पहुंचाने के बहाने हम सबको साथ ले गया। रास्ते में सुनसान जगह पर उसने तीनों बच्चों का गला घोंटकर नहर में फेंक दिया और मुझे भी धक्का दे दिया। मैं किसी तरह तैरकर बाहर निकली।” वहीं दूसरी ओर, पुलिस हिरासत में आरोपी रामबाबू यादव ने खुद को बेकसूर बताते हुए अलग ही कहानी बयां की। उसने कहा, “सोमवार रात को पत्नी के साथ सिर्फ पीने का पानी मांगने को लेकर झगड़ा हुआ था। मैं बिना खाए सो गया।

मंगलवार सुबह जब 5:30 बजे आंख खुली, तो पत्नी और तीनों बच्चे गायब थे। मेरी पत्नी पहले भी दो-तीन बार बिना बताए घर से भाग चुकी है।”घटना की सूचना पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अजीत कुमार और चनपटिया थानाध्यक्ष अमित कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थानीय गोताखोरों की मदद से शवों को बाहर निकाला।”मामला बेहद गंभीर और संवेदनशील है। प्रथम दृष्टया घटना के पीछे पारिवारिक कलह सामने आ रही है। चूंकि पति-पत्नी दोनों के बयानों में भारी विरोधाभास है, इसलिए पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया है। गहन पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की वैज्ञानिक जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।



