
The Bihar Report। सीमा पार से गाजे-बाजे के साथ आई खुशियां उस समय काफूर हो गईं, जब विवाह मंडप में रस्मों के बीच अचानक गहनों को लेकर बवाल शुरू हो गया। मामला जिले के सुगौली थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलवतिया रेलवे ढाला के समीप का है, जहां नेपाल से आई एक बारात विवाद के बाद बंधक बना ली गई। वधू पक्ष ने दूल्हा पक्ष द्वारा लाए गए जेवरातों को नकली बताते हुए न सिर्फ शादी से इनकार कर दिया, बल्कि दूल्हा, उसके पिता समेत कई बारातियों को बंधक बनाकर जमकर हंगामा किया। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस मामले को शांत कराने और दोनों पक्षों में समझौता कराने के प्रयास में जुटी है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, नेपाल के परसा जिला अंतर्गत परसोत्तिपुर गांव निवासी गजेंद्र सहनी अपने भांजे (युगल सहनी के पुत्र) की बारात लेकर बेलवतिया रेलवे ढाला के समीप स्थित लक्ष्मीनारायण सहनी के घर पहुंचे थे।

रात करीब 10 बजे बारात का भव्य स्वागत हुआ और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह की रस्में शुरू हुईं। इसी बीच वधू पक्ष को दूल्हा पक्ष द्वारा चढ़ाए जाने वाले जेवरातों पर संदेह हुआ। जांच करने पर जब जेवर नकली पाए गए, तो वधू पक्ष का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने तत्काल शादी की प्रक्रिया को रोक दिया।वर पक्ष का आरोप है कि जेवरों को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। वधू पक्ष के लोगों ने दूल्हा, उसके पिता और अन्य बारातियों के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और उन्हें एक कमरे में बंधक बना लिया। लड़की पक्ष का कहना है कि जब तक तिलक की राशि और शादी में हुआ पूरा खर्च वापस नहीं मिल जाता, तब तक वे किसी को जाने नहीं देंगे। इसी बीच, बाराती गजेंद्र सहनी किसी तरह सूझबूझ का परिचय देते हुए मौके से निकले और सुगौली थाने पहुंचकर पुलिस को आपबीती सुनाई।घटना की गंभीरता को देखते हुए सुगौली पुलिस तुरंत हरकत में आई और दल-बल के साथ मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम को तत्काल बेलवतिया गांव भेजा गया है। पुलिस दोनों पक्षों को बैठाकर शांतिपूर्ण ढंग से मामले का समाधान निकालने का प्रयास कर रही है। किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और बातचीत जारी है।”देर रात तक गांव में पंचायती और दोनों पक्षों के बीच मान-मनौव्वल का दौर जारी रहा। समाचार लिखे जाने तक शादी पूरी तरह टूट चुकी थी और पुलिस की मौजूदगी में लेन-देन के हिसाब-किताब को लेकर वार्ता चल रही थी। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, जेवर असली थे या नकली, यह अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन इस विवाद ने दोनों परिवारों की खुशियों को पूरी तरह ग्रहण लगा दिया है।



