
पटना। बिहार में आंदोलनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और कथित फायरिंग के मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरने की पूरी रणनीति तैयार कर ली है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ऐलान किया है कि आगामी 19 अगस्त को पार्टी के तमाम विधायक, विधान पार्षद (एमएलसी) और कार्यकर्ता पटना की सड़कों पर उतरेंगे और वीरचंद पटेल पथ स्थित पार्टी कार्यालय से राजभवन तक विशाल विरोध मार्च निकालेंगे।दिल्ली में लोकसभा और राज्यसभा के राजद सांसदों के साथ अहम बैठक के बाद एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने यह घोषणा की। उन्होंने पुलिसिया कार्रवाई पर कड़े सवाल उठाते हुए पूछा कि छात्रों की समस्याओं पर सरकार चुप्पी क्यों साधे हुए है? छात्रों पर एके-47 से गोली चलाने का गुनहगार कौन है? तेजस्वी ने कहा कि जब यह मामला तूल पकड़ने लगा, तो महज एक मामूली सिपाही को निलंबित कर मामले से पल्ला झाड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जवाब देने से बच रही है क्योंकि उसकी ‘चोरी’ पकड़ी गई है।राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष ने राज्य में अफसरों के हावी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में ‘पुलिस की सरकार’ चल रही है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, “हम किसी भी कीमत पर इस राज्य को पुलिसिया स्टेट नहीं बनने देंगे।” तेजस्वी ने कहा कि इस मामले में अब तक संबंधित एसपी को निलंबित क्यों नहीं किया गया? उन्होंने बताया कि जब वे लोग डीजीपी से मिले थे, तब उन्होंने कार्रवाई का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।सत्ता पक्ष पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब घायल छात्र अस्पताल में भर्ती थे, तब न तो मुख्यमंत्री और न ही उपमुख्यमंत्री ने उनके लिए थोड़ा सा भी वक्त निकाला और न ही उनका हालचाल जानने की जहमत उठाई। केंद्र और राज्य सरकार के शीर्ष नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए तेजस्वी ने कहा, “जिन तीन छात्रों को गोली लगी थी, उनकी किस्मत अच्छी थी कि जान बच गई। यदि उनकी जान चली जाती तो इसका जिम्मेदार कौन होता? इस गंभीर घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह से लेकर राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तक के मुंह में दही क्यों जम गया है?”तेजस्वी यादव ने बताया कि छात्रों के इस मुद्दे को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने संसद में प्रमुखता से उठाया है। इसके साथ ही, उन्होंने देश के तमाम विपक्षी दलों के नेताओं से बातचीत कर उनसे बिहार आने का अनुरोध किया है। तेजस्वी ने कहा, “हम सभी को मिलकर छात्रों को न्याय दिलाना होगा और एक ऐसी मिसाल पेश करनी होगी कि आगे से किसी भी सरकार की हिम्मत न हो कि वह अपने हक की आवाज उठा रहे आंदोलनकारियों पर गोलियां बरसाए।”



