
पटना। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने निषाद समाज के आरक्षण को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। मंगलवार को फतेहपुर में आयोजित ‘निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा’ के दौरान उन्होंने हुंकार भरते हुए स्पष्ट किया कि यदि 2027 के चुनाव से पहले उनके समाज को आरक्षण नहीं मिला, तो वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा को वोट नहीं देंगे। कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ ने उनके समर्थन में एकजुटता दिखाई।हाथों में गंगाजल लेकर लिया संकल्पप्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए वीआईपी प्रमुख ने कहा कि निषाद समाज के अधिकार की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। उन्होंने बताया कि जनसभा में उपस्थित बड़ी संख्या में लोगों ने हाथों में गंगाजल लेकर यह संकल्प लिया है कि वे अब अपना वोट नहीं बेचेंगे। सहनी ने कहा, “निषाद गंगापुत्र हैं। अब हमारा समाज किसी नेता के कहने या महज़ किसी को टिकट मिल जाने के आधार पर मतदान नहीं करेगा। वोट केवल हमारे बच्चों के भविष्य और अधिकारों को देखकर दिया जाएगा।”101 दिन की चल रही है संकल्प यात्रामुकेश सहनी ने बताया कि समाज को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए पूरे उत्तर प्रदेश में 101 दिनों की लंबी संकल्प यात्रा चलाई जा रही है।
उन्होंने सत्तासीन नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि सत्ता में पहुंचने के बाद कुछ नेता समाज के अधिकारों की लड़ाई भूलकर सुख भोगने लगते हैं, लेकिन अब निषाद समाज पूरी तरह से जाग चुका है। पिछले 10-12 वर्षों से चल रहे इस संघर्ष को मुकाम तक पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को निर्णायक पहल करनी होगी।सरकार पर लगाया बाधा डालने का आरोपसहनी ने प्रशासन और सरकार पर उनके कार्यक्रमों को रोकने और अनुमतियों में जानबूझकर देरी करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार की इन कोशिशों के बाद अब हमने अपनी रणनीति बदल दी है। पहले यह यात्रा बड़े रथ और वाहनों के साथ निकाली जानी थी, लेकिन अब हजारों निषाद बेटे खुद ‘पंडित’ बनेंगे और गांव-गांव जाकर लोगों को आरक्षण का संकल्प दिलाएंगे।दिल्ली तक भेजा जाएगा वीडियो संदेशसंकल्प अभियान को धार देते हुए सहनी ने कहा कि गांव-गांव में संकल्प लेते हुए लोगों का वीडियो बनाया जाएगा। इन वीडियो को जिले के पक्ष-विपक्ष के नेताओं के साथ-साथ सीधे प्रधानमंत्री और गृह मंत्री तक भेजा जाएगा, ताकि दिल्ली और लखनऊ में बैठी सत्ता को यह अहसास हो सके कि उत्तर प्रदेश का निषाद समाज अब मजबूती से खड़ा हो गया है। उन्होंने दो टूक कहा कि पैसे, धर्म और जाति के नाम पर समाज को बहकाने की कोशिशें अब सफल नहीं होंगी।



