
पटना। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने बिहार की राजनीति और कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। पटना में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने आरोप लगाया कि सूबे में ‘ऑपरेशन लोटस’ के जरिए लोकतंत्र के अपहरण की पुरजोर कोशिश की गई। इसके साथ ही उन्होंने हाल ही में हुए पुलिस एनकाउंटरों को पूरी तरह फर्जी और प्रशासनिक साजिश करार देते हुए सरकार से तुरंत इस्तीफे की मांग की है।सांसद पप्पू यादव ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को उनके पद और केंद्रीय जांच एजेंसियों (ED व CBI) का डर दिखाया गया। उन्होंने दावा किया कि विधायकों को तोड़ने के लिए बड़े कारोबारियों और बिचौलियों के माध्यम से बिहार में ₹100 करोड़ की भारी-भरकम राशि लाई गई थी। यादव ने आरोप लगाया कि इस पूरे खेल में मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भी कुछ नेता और विधायक शामिल थे।
उन्होंने इस मामले में अभय कुशवाहा, सुभाष यादव और समीर महासेठ जैसे नेताओं की भूमिका की गहन जांच कराने की मांग की।पप्पू यादव ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि हाल के दिनों में हुए पुलिस एनकाउंटरों की टाइमिंग बेहद संदेहास्पद है। उन्होंने आरोप लगाया कि आनंद किशोर और रिशु श्री जैसे रसूखदार भ्रष्टाचारियों के घोटालों को ठंडे बस्ते में डालने और मुख्य मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए जानबूझकर एनकाउंटर की आड़ ली जा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि अगर पुलिस वाकई इतनी ही मुस्तैद और ईमानदार है, तो पप्पू पांडे और अनंत सिंह जैसे रसूखदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती?> “क्या यादव, पासवान और कमजोर वर्ग के लोग बिहार छोड़ दें? राज्य में जाति देखकर हिंसा को हवा दी जा रही है। इसके खिलाफ 24 तारीख को महामहिम राज्यपाल से न्याय की गुहार लगाई जाएगी। आरा के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को पूरी तरह फर्जी बताते हुए सांसद ने कहा कि मृतक कोई पेशेवर अपराधी नहीं था और न ही उसने पुलिस पर कोई गोली चलाई थी। महज जातिगत राजनीति का फायदा उठाने के लिए उसकी हत्या की गई। उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग करते हुए घटना के वक्त आरा के एसपी की कॉल डिटेल सार्वजनिक करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि जब खुद सत्ताधारी दल के लोगों ने इस एनकाउंटर को गलत मान लिया है, तो सम्राट चौधरी सरकार को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।प्रदेश में बढ़ती आपराधिक घटनाओं का जिक्र करते हुए पप्पू यादव ने नगरनौसा, बिहारशरीफ और बेगूसराय की घटनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि नगरनौसा में डिग्री कॉलेज की मांग कर रही छात्राओं को स्थानीय प्रशासन और थाना प्रभारी ने गंदी गालियां दीं और प्रताड़ित कर जेल भेज दिया। वहीं बिहारशरीफ में मामूली विवाद में दो दलितों की निर्मम हत्या कर दी गई। उन्होंने दावा किया कि राज्य में पिछले कुछ समय में 150 से अधिक बलात्कार की घटनाएं हुई हैं, जिन्होंने निर्भया कांड जैसी विभीषिका को भी पीछे छोड़ दिया है। इन सभी मुद्दों को लेकर वे आगामी 24 तारीख को राज्यपाल से मुलाकात करेंगे और जरूरत पड़ने पर सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएंगे।



