
पटना। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेन्द्र कुशवाहा ने मांग की है कि राज्य के विश्वविद्यालयों और उनके अंगीभूत कॉलेजों के शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मचारियों और सेवानिवृत्त पेंशनरों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जाए। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर ‘बिहार सरकार स्वास्थ्य योजना’ (BGHS) का दायरा बढ़ाने का आग्रह किया है।पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता फ़ज़ल इमाम मलिक ने जानकारी देते हुए बताया कि कुशवाहा ने 23 जुलाई को मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में सरकार के हालिया फैसले की सराहना की है। कुशवाहा ने कहा है कि राज्य सरकार के कार्यरत व सेवानिवृत्त कर्मियों और पेंशनरों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय अत्यंत सराहनीय और जनकल्याणकारी है।कुशवाहा ने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया है कि वर्तमान में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के शिक्षक, कर्मचारी और पेंशनर इस महत्वपूर्ण योजना के दायरे से बाहर रखे गए हैं।
जबकि, ये सभी उच्च शिक्षा व्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और वर्षों से राज्य सरकार के अधीन शिक्षा व प्रशासनिक कार्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं।रालोमो अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराते हुए लिखा है कि स्वास्थ्य योजना से वंचित होने के कारण विश्वविद्यालयों के अनेक कर्मचारियों और पेंशनरों को गंभीर बीमारियों के उपचार में भारी आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि बिहार सरकार उन्हें भी स्वास्थ्य योजना के तहत कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए, तो हजारों कार्यरत कर्मचारियों और पेंशनरों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।अपने पत्र के अंत में कुशवाहा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे इस विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करें। उन्होंने भरोसा जताया है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जनहित के इस व्यापक और प्रभावशाली विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेंगे, जिससे उच्च शिक्षा परिवार को भी इस जनकल्याणकारी योजना का लाभ मिल सके और उनके भीतर सामाजिक सुरक्षा की भावना अधिक सुदृढ़ हो।



