
बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बाद मादक पदार्थों, विशेषकर गांजे की तस्करी के खिलाफ पुलिस लगातार सख्त कदम उठा रही है। इसी कड़ी में पूर्वी चंपारण जिले की पुलिस को एक बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी हाथ लगी है। जिले के हरसिद्धि थाना क्षेत्र में पुलिस ने सघन वाहन चेकिंग अभियान के दौरान एक लग्जरी कार से 59 किलो उच्च गुणवत्ता वाला गांजा बरामद किया है। तस्करों ने गांजे की इस बड़ी खेप को छिपाने के लिए कार के भीतर एक विशेष खुफिया तहखाना बना रखा था, जिसे देखकर एक पल के लिए पुलिस भी दंग रह गई। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तस्करी गिरोह के मुख्य सरगना सहित तीन शातिर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
लग्जरी कार और खुफिया तहखाने का खेल
आजकल मादक पदार्थों के तस्कर पुलिस से बचने के लिए नित नए और हाईटेक तरीके अपना रहे हैं। तस्करों को लगता है कि लग्जरी कारों पर पुलिस को जल्दी शक नहीं होता और वे आसानी से चेकपोस्ट पार कर जाएंगे। हरसिद्धि थाना पुलिस को जब गुप्त सूचना मिली कि एक सफेद रंग की वीआईपी लग्जरी कार में गांजे की बड़ी खेप लाई जा रही है, तो पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया। जैसे ही संदिग्ध कार को रोककर उसकी सघन तलाशी ली गई, शुरुआत में सब कुछ सामान्य लगा। लेकिन जब पुलिस के जवानों ने बारीकी से मुआयना किया, तो कार की डिक्की और पिछली सीट के नीचे एक बेहद शातिर तरीके से डिजाइन किया गया खुफिया तहखाना मिला। इसी तहखाने के भीतर से 59 किलो गांजा पैकेटों में बंद कर रखा गया था।
सरगना नाजिम खान गिरफ्तार, नेपाल से जुड़े हैं तार
पुलिस की इस छापेमारी में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपितों में गिरोह का मुख्य सरगना नाजिम खान भी शामिल है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, नाजिम खान मूल रूप से झड़वा इलाके का रहने वाला है और लंबे समय से इस काले कारोबार में लिप्त था। शुरुआती पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। पुलिस को पुख्ता आशंका है कि इस गांजा तस्करी के तार सीधे तौर पर पड़ोसी देश नेपाल से जुड़े हुए हैं। खुली और पोरस सीमा का फायदा उठाकर नेपाल के पहाड़ी इलाकों से यह गांजा भारतीय सीमा में प्रवेश कराया जाता था और फिर लग्जरी गाड़ियों के जरिए इसे बिहार के विभिन्न जिलों सहित अन्य राज्यों में खपाने की योजना थी।
पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी पुलिस
पूर्वी चंपारण के तेजतर्रार पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वर्ण प्रभात के सख्त निर्देश पर इन दिनों पूरे जिले में ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत ड्रग्स और मादक पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। एसपी के कड़े रुख का ही नतीजा है कि तस्करों के हौसले पस्त हो रहे हैं। फिलहाल हरसिद्धि थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी गिरफ्तार सरगना नाजिम खान और उसके दोनों गुर्गों से किसी गुप्त स्थान पर गहन पूछताछ कर रहे हैं।पुलिस की जांच अब तीन मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित है: पहला, यह खेप नेपाल में किस सप्लायर से खरीदी गई थी? दूसरा, इस खेप की डिलीवरी बिहार या किसी अन्य राज्य में किस बड़े तस्कर को की जानी थी? और तीसरा, इस सफेदपोश सिंडिकेट में और कौन-कौन से स्थानीय चेहरे शामिल हैं जो तस्करों को लॉजिस्टिक और वित्तीय मदद मुहैया कराते हैं।पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपितों के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स (सीडीआर) और व्हाट्सएप चैट्स से कई अहम सुराग मिले हैं। जल्द ही इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े अन्य सफेदपोश तस्करों और फाइनेंसरों की भी गिरफ्तारी हो सकती है। मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस की यह सर्जिकल स्ट्राइक युवाओं को नशे की गर्त में धकेलने वाले सिंडिकेट के लिए एक कड़ा संदेश है। आगे की कानूनी कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही है।



