
मोतिहारी। रघुनाथपुर थाना क्षेत्र में एक अत्यंत ही अमानवीय और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला प्रकाश में आया है। सड़क दुर्घटना में मृत एक युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए सम्मानजनक तरीके से एंबुलेंस में भेजने के बजाय जुगाड़ ठेले पर लादकर भेजने का शर्मनाक वाकया सामने आया है। इस घोर लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वर्ण प्रभात ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले की जांच के बाद एसपी ने रघुनाथपुर थाना के गश्ती दल में तैनात दारोगा अम्बिका यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, महकमे में जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से रघुनाथपुर थानाध्यक्ष धनंजय कुमार से भी इस पूरे प्रकरण पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
वायरल वीडियो के बाद एसपी स्वर्ण प्रभात ने लिया कड़ा संज्ञान
घटना के संदर्भ में प्राप्त जानकारी के अनुसार, मालूम हो कि शनिवार को रघुनाथपुर बस स्टैंड के समीप एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ था। इस हादसे में बस की चपेट में आने से तुरकौलिया पश्चिमी पंचायत के मठवा गांव निवासी उमेश कुमार की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। युवक की अचानक हुई मौत से परिवार में कोहराम मच गया और मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।हादसे की सूचना मिलने के बाद रघुनाथपुर थाना का गश्ती दल फौरन मौके पर पहुंचा। पुलिसकर्मियों ने शव को कब्जे में लिया, लेकिन संवेदनहीनता का परिचय देते हुए शव को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस का प्रबंध करने के बजाय उसे एक जुगाड़ ठेले पर लाद दिया। पुलिस ने उसी ठेले से शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। पुलिस की इस अमानवीय कार्रवाई को देखकर मौके पर मौजूद मृतक के परिजन और ग्रामीण बुरी तरह से आक्रोशित हो गए।
वीडियो हुआ वायरल, उग्र भीड़ ने किया सड़क जाम
इसी बीच, घटनास्थल पर मौजूद किसी व्यक्ति ने शव को ठेले पर ले जाने का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस कृत्य से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध जताते हुए सड़क जाम कर दिया। सड़क जाम के कारण आवागमन बाधित हो गया और मौके पर भारी तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालात को बेकाबू होता देख और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अंततः पुलिस के वरीय अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। सदर डीएसपी-1 दिलीप कुमार को दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचना पड़ा। उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया। इसी घटनाक्रम और वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस महकमे की भारी फजीहत होने के बाद अंततः एसपी ने यह कड़ी कार्रवाई की है।



