
भोजपुरी फिल्मों और संगीत की दुनिया में अपनी खास पहचान बनाने वाले पवन सिंह अब राजनीति में भी बड़ी भूमिका निभाने जा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बिहार विधान परिषद द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए उनके नाम को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही यह लगभग तय माना जा रहा है कि पवन सिंह जल्द ही बिहार विधान परिषद (एमएलसी) के सदस्य कहलाएंगे।भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा जारी उम्मीदवारों की सूची में पवन सिंह का नाम सबसे ऊपर रखा गया है। जैसे ही यह खबर सामने आई, भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री और बिहार की राजनीति में चर्चा तेज हो गई। पवन सिंह के समर्थकों और प्रशंसकों में खुशी का माहौल है।
पवन सिंह बिहार के भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड स्थित जोकहरी गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर भोजपुरी फिल्म जगत में बड़ा मुकाम हासिल किया है। एक साधारण परिवार से निकलकर उन्होंने गायकी और अभिनय के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई। उनके कई गाने और फिल्में सुपरहिट रही हैं, जिनकी लोकप्रियता सिर्फ बिहार और उत्तर प्रदेश तक ही सीमित नहीं है, बल्कि देश और विदेश में रहने वाले भोजपुरी भाषी लोगों के बीच भी है।
पवन सिंह को भोजपुरी इंडस्ट्री का “पावर स्टार” कहा जाता है। उनके गाने और फिल्मों को करोड़ों लोग पसंद करते हैं। सोशल मीडिया पर भी उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है। यही वजह है कि उनकी लोकप्रियता को देखते हुए भाजपा ने उन्हें विधान परिषद भेजने का फैसला किया है।
पिछले कुछ वर्षों से पवन सिंह राजनीतिक गतिविधियों में भी सक्रिय नजर आ रहे थे। वे कई मौकों पर भाजपा के कार्यक्रमों में शामिल हुए और पार्टी के समर्थन में प्रचार भी करते दिखे। लोकसभा चुनाव के दौरान भी उनका नाम काफी चर्चा में रहा था। अब भाजपा ने उन्हें बड़ी राजनीतिक जिम्मेदारी देकर यह संकेत दिया है कि पार्टी उन्हें बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका देना चाहती है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पवन सिंह की लोकप्रियता का फायदा भाजपा को आने वाले समय में मिल सकता है। खासकर युवाओं और भोजपुरी भाषी मतदाताओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ है। ऐसे में उनका विधान परिषद पहुंचना भाजपा की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
पवन सिंह के एमएलसी बनने की खबर के बाद उनके गांव जोकहरी और भोजपुर जिले में खुशी का माहौल है। समर्थक इसे पूरे इलाके के लिए गर्व की बात बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिस कलाकार ने भोजपुरी भाषा और संस्कृति को नई पहचान दिलाई, अब वह राजनीति के माध्यम से भी समाज और राज्य के विकास में योगदान देंगे।
कुल मिलाकर, भोजपुरी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता और गायक पवन सिंह का बिहार विधान परिषद पहुंचना राजनीति और मनोरंजन जगत दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण घटना माना जा रहा है। अब लोगों की नजर इस बात पर होगी कि वे अपनी नई राजनीतिक जिम्मेदारी को किस तरह निभाते हैं और जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं।



