
पटना। बुधवार शाम आसमान में उस वक्त एक बड़ा हादसा टल गया, जब पटना से लखनऊ जा रही इंडिगो एयरलाइंस (IndiGo Airlines) की एक यात्री फ्लाइट अचानक आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई। घटना के वक्त विमान जमीन से करीब 17 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। बिजली गिरने के तुरंत बाद विमान में ऐसा भयंकर टर्बुलेंस (हवा का दबाव और झटके) शुरू हुआ कि अंदर बैठे 104 यात्रियों की सांसें हलक में अटक गईं। हालांकि, विमान के कैप्टन ने अपनी असाधारण सूझबूझ, धैर्य और उत्कृष्ट तकनीकी कौशल का परिचय देते हुए विमान पर नियंत्रण बनाए रखा और सभी यात्रियों को सुरक्षित लखनऊ एयरपोर्ट पर उतार लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E 925 ने 7 अक्टूबर की शाम करीब 3:10 बजे जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (पटना) से नवाबों के शहर लखनऊ के लिए उड़ान भरी थी। विमान का निर्धारित आगमन समय शाम 4:20 बजे था। उड़ान भरते समय मौसम पूरी तरह से साफ और सामान्य था। विमान में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुख्य प्रवक्ता राजेश कुमार भट्ट सहित कुल 104 यात्री सवार थे। लोजपा नेता राजेश कुमार भट्ट ने उस खौफनाक मंजर को साझा करते हुए बताया कि शुरुआती सफर बिल्कुल शांत था, लेकिन जैसे ही विमान बनारस और प्रयागराज के हवाई क्षेत्र के बीच पहुंचा, मौसम ने अचानक करवट ली। आसमान में घने काले बादल छा गए और तेज बारिश शुरू हो गई। इसी बीच एक जोरदार धमाके के साथ विमान को भयानक झटका लगा। यात्रियों को तुरंत अहसास हो गया कि विमान पर आकाशीय बिजली गिरी है।
हवा में हिचकोले खाने लगा विमान, यात्रियों में मची चीख-पुकार
बिजली सीधे विमान के अगले हिस्से (नोज) पर गिरी थी। इसके टकराते ही विमान का संतुलन डगमगाने लगा और उसमें जबरदस्त टर्बुलेंस शुरू हो गया। विमान कभी अचानक कई फीट नीचे गोता लगाता, तो कभी तेज झटके के साथ दाईं या बाईं ओर झुक जाता।राजेश भट्ट के मुताबिक, सीट बेल्ट कसकर बंधे होने के बावजूद झटकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि यात्री अपनी सीटों से ऊपर-नीचे उछल रहे थे। यह सिलसिला करीब 12 से 13 मिनट तक चलता रहा। विमान के अंदर का दृश्य बेहद भयावह हो चुका था। खौफ के मारे कई यात्री फूट-फूटकर रोने लगे, तो कुछ भगवान को याद करते हुए चीखने लगे। खुद को संभालते हुए भट्ट ने आसपास के यात्रियों को ढांढस बंधाने का प्रयास किया और केबिन क्रू से आपातकालीन निकासी विकल्पों को लेकर चर्चा भी की।
तय समय से पहले कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग
ऐसी विकट और जानलेवा परिस्थिति में कॉकपिट में मौजूद कैप्टन ने अपने अदम्य साहस का परिचय दिया। बिना घबराए उन्होंने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से संपर्क साधा और विमान को सुरक्षित लखनऊ की ओर मोड़ा। हालात की गंभीरता को देखते हुए विमान की तय समय (4:20 बजे) से 15 मिनट पहले ही, यानी 4:05 बजे लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग करा दी गई।विमान के रनवे पर छूते ही यात्रियों ने राहत की सांस ली। लैंडिंग के बाद सभी 104 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई भी यात्री शारीरिक रूप से चोटिल नहीं हुआ, लेकिन मौत को इतने करीब से देखने के कारण सभी के चेहरों पर दहशत साफ पढ़ी जा सकती थी। मौत के मुंह से सुरक्षित लौटकर आए लोजपा प्रवक्ता राजेश कुमार भट्ट ने विमान के कैप्टन की जमकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि जिस जांबाजी और तकनीकी दक्षता के साथ कैप्टन ने 104 लोगों की जिंदगियां बचाई हैं, वह वंदनीय है। उन्होंने घोषणा की है कि वह अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के माध्यम से नागरिक उड्डयन मंत्री को पत्र लिखेंगे और मांग करेंगे कि इस अदम्य साहस के लिए कैप्टन को ‘वीरता पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाए।



