
समस्तीपुर। जिले के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र में इंसानियत को तार-तार करने वाली एक खौफनाक घटना सामने आई है। यहां एक सुनसान सड़क और नदी किनारे के मनमोहक इलाके में एक अकेली युवती के साथ मनचलों ने न केवल बदसलूकी की, बल्कि मदद की गुहार लगाने पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने भी रक्षक बनने के बजाय भक्षक का रूप ले लिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हरकत में आई समस्तीपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। इन लफंगों के कबूलनामे ने इलाके में सनसनी फैला दी है और बेटियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिसिया पूछताछ और प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 15 सितंबर को एक युवक और युवती कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के नदी किनारे वाले सुनसान इलाके में फोटो शूट कर रहे थे। इसी दौरान वहां विकास और राहुल नामक दो युवक आ धमके। उन्होंने सबसे पहले युवती के साथ मौजूद युवक के साथ जमकर मारपीट की और उसे डरा-धमका कर वहां से भगा दिया। इसके बाद दरिंदों ने अकेली युवती को दबोच लिया और उसके साथ छेड़खानी और बदसलूकी शुरू कर दी।
यूं दिया खौफनाक वारदात को अंजाम
इस वीभत्स मंजर के बीच जब घबराई युवती ने खुद को बचाने के लिए शोर मचाया, तो वहां गांव का ही चाय दुकानदार रामबाबू सहनी और पीडीएस दुकान से जुड़ा अवधेश पासवान पहुंच गए। लेकिन, दुर्भाग्यवश इन्होंने भी युवती की मदद करने के बजाय मौके का फायदा उठाया और उसके साथ गंदी हरकतें शुरू कर दीं। युवती के लगातार चीखने-चिल्लाने पर जब आसपास से भीड़ जुटने लगी, तब जाकर वह किसी तरह अपनी आबरू और जान बचाकर वहां से भागने में सफल रही। यह मामला 22 सितंबर को तब सुर्खियों में आया जब इसका एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। समस्तीपुर पुलिस को 23 सितंबर को इसकी भनक लगी। पुलिस ने बिना देरी किए वीडियो के आधार पर तफ्तीश तेज की और चारों आरोपियों— विकास कुमार शर्मा, राहुल पासवान, रामबाबू सहनी और अवधेश पासवान को धर दबोचा। सदर अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद सभी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में समस्तीपुर मंडल कारा (जेल) भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस पीड़ित युवती की पहचान करने और मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
आरोपियों का है गहरा और खूंखार आपराधिक इतिहास
पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। 34 वर्षीय मुख्य आरोपी विकास कुमार शर्मा पहले भी शराब तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। उसके भाई सुभाष कुमार शर्मा का भी खूंखार आपराधिक इतिहास रहा है, जिसे एक महिला की कुल्हाड़ी से काटकर निर्मम हत्या करने के मामले में निचली अदालत से फांसी की सजा मिल चुकी है और वह फिलहाल जेल में है। वहीं, दूसरा आरोपी 27 वर्षीय राहुल पासवान विकास के लिए शराब की डिलीवरी करता था। पूर्व में उसके घर से शराब बरामद होने पर उसकी मां और पत्नी को भी जेल की हवा खानी पड़ी थी। 36 वर्षीय रामबाबू और 55 वर्षीय अवधेश स्थानीय दुकानदार हैं, जिनकी इस घिनौनी संलिप्तता ने सबको हैरान कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घटनास्थल के दोनों तरफ करीब दो किलोमीटर तक कोई घनी आबादी नहीं है, लेकिन मात्र 100 मीटर की दूरी पर एक प्राथमिक विद्यालय है। नदी का किनारा होने के कारण दिन में यहां लोग रुककर तस्वीरें लेते हैं, लेकिन शाम ढलते ही यह इलाका मनचलों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन जाता है। इस घटना ने समाज और प्रशासन के सामने यह ज्वलंत सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर हमारी बेटियां अपने ही समाज में कब और कहां सुरक्षित होंगी?



