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बिहार की बाढ़ पर तेजस्वी यादव का केंद्र पर हमला, बोले- ‘गुजरात की तरह बिहार की मदद क्यों नहीं?’

बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति को लेकर राजनीति गरमा गई है। आरजेडी नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बिहार के सांसदों को निशाने पर लिया है। तेजस्वी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा पोस्ट साझा करते हुए गुजरात और बिहार में बाढ़ एवं बारिश के दौरान केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया की तुलना की।

तेजस्वी यादव का आरोप है कि गुजरात में बारिश और बाढ़ की स्थिति सामने आते ही केंद्र सरकार तेजी से सक्रिय हो जाती है, जबकि बिहार में बड़ी आबादी के प्रभावित होने के बावजूद केंद्र से अपेक्षित मदद नहीं मिल रही है।

गुजरात और बिहार की स्थिति की तुलना

तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में दावा किया कि 23 जुलाई को गुजरात में भारी बारिश के दौरान एक व्यक्ति की मौत हुई थी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के मुख्यमंत्री से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्थिति की जानकारी ली और एयरफोर्स तथा एनडीआरएफ को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए।तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार में बाढ़ से करीब 45 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने 50 से ज्यादा लोगों की मौत, बड़ी संख्या में मवेशियों के लापता होने और हजारों करोड़ रुपये के नुकसान का भी दावा किया।

आरजेडी नेता ने सवाल उठाया कि जब बिहार में इतनी बड़ी संख्या में लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, तो प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से राज्य के लिए वैसी सक्रियता क्यों नहीं दिखाई जा रही, जैसी गुजरात के मामले में देखने को मिली थी।

ठनका गिरने से मौतों का भी उठाया मुद्दा

तेजस्वी यादव ने बिजली गिरने यानी ठनका गिरने से होने वाली मौतों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को राष्ट्रीय आपदा की सूची में शामिल नहीं किया गया है।उन्होंने पुराने राजनीतिक दौर का जिक्र करते हुए कहा कि आपदा के समय लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार अपने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर बिहार के अधिकारों के लिए साथ खड़े होते थे।

बिहार के सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों पर भी निशाना

तेजस्वी ने बिहार से जुड़े 30 सांसदों और आठ केंद्रीय मंत्रियों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में इतनी बड़ी आपदा के बावजूद ये नेता केंद्र के सामने बिहार के लिए पर्याप्त सहायता की मांग नहीं उठा रहे हैं।तेजस्वी ने कहा कि विपक्ष में रहते हुए वह लगातार बिहार के लिए केंद्र से विशेष सहायता की मांग कर रहे हैं और इस संबंध में प्रधानमंत्री को पत्र भी लिख चुके हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर केंद्र सरकार बिहार के लिए कोई आर्थिक पैकेज देती है, तो उसका लाभ राज्य की जनता और सरकार को मिलेगा। इसलिए उनकी ओर से की जा रही सहायता की मांग में कोई व्यक्तिगत राजनीतिक फायदा नहीं है।

‘चुनाव के समय ही बिहार याद आता है’

तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर चुनाव के दौरान ही बिहार और बिहारियों को याद करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन आपदा के समय बिहार को मिलने वाली मदद का मुद्दा राजनीति से ऊपर होना चाहिए।उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि जब राज्य में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित होने का दावा किया जा रहा है, तब बिहार को पर्याप्त केंद्रीय सहायता क्यों नहीं मिल रही है। तेजस्वी के इस बयान के बाद बिहार में बाढ़ को लेकर सियासी बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।

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