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गरीबों के निवाले से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, खराब राशन पर भड़के मंत्री लखेंद्र पासवान

'घटिया राशन बांटा तो खैर नहीं...' हाजीपुर में अधिकारियों पर जमकर बरसे मंत्री लखेंद्र पासवान

पटना। जिला समाहरणालय में आयोजित बीस सूत्री (जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति) की समीक्षात्मक बैठक में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत बांटे जा रहे खाद्यान्न की खराब गुणवत्ता का मुद्दा गरमाया रहा। गरीबों को दिए जा रहे घटिया अनाज की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंत्री लखेंद्र पासवान ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने दो टूक कहा कि गरीबों और जरूरतमंदों के निवाले के साथ खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री ने इस गंभीर लापरवाही पर अधिकारियों से तत्काल जवाब तलब करते हुए पूरे मामले की त्वरित जांच के सख्त निर्देश दिए हैं। बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों और आम जनता की ओर से मिल रही शिकायतों का संज्ञान लेते हुए मंत्री ने अधिकारियों की कड़ी क्लास ली। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक बिना किसी रुकावट के पहुंचना चाहिए। यदि अनाज का स्तर मानकों के अनुरूप नहीं है, तो यह सिस्टम की घोर लापरवाही और बड़ी नाकामी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार गरीबों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, इसलिए राशन की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।

योजनाओं की सफलता में लापरवाही अक्षम्य

मंत्री लखेंद्र पासवान ने प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि जिले भर की जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों और आपूर्ति गोदामों में उपलब्ध राशन की तय सरकारी मानकों के अनुसार सघन जांच कराई जाए। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि जांच प्रक्रिया के दौरान यदि किसी भी स्तर पर घटिया अनाज बांटने, अनियमितता, भ्रष्टाचार या कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आती है, तो दोषियों के विरुद्ध नियमसंगत और कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। जनता के हक का अनाज सही मात्रा और सुरक्षित रूप में उन तक पहुंचना ही चाहिए, इसमें किसी भी तरह की कोताही सरकार की नीतियों के सख्त खिलाफ है।

आपूर्ति विभाग में मचा हड़कंप, सैंपलिंग शुरू

समीक्षा बैठक में मंत्री के इस कड़े रुख और सख्त निर्देशों के बाद वैशाली जिले के प्रशासनिक महकमे, विशेषकर आपूर्ति विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों की कार्यशैली में अचानक तेजी आ गई है। बैठक समाप्त होते ही संबंधित अधिकारियों ने राशन वितरण व्यवस्था की मॉनिटरिंग बढ़ा दी है। इसके साथ ही गोदामों और पीडीएस दुकानों से खाद्यान्न के सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेजने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। स्थानीय जनता को उम्मीद है कि मंत्री की इस प्रशासनिक सख्ती के बाद सरकारी राशन दुकानों की मनमानी पर लगाम लगेगी और अनाज की गुणवत्ता में जल्द ही व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।

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