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गया में बड़ी साजिश नाकाम: बिहार-झारखंड सीमा के जंगलों में जमीन के अंदर मिला हथियारों का जखीरा, SSB और पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन

पटना। बिहार और झारखंड की सीमा पर स्थित गया जिले के घने जंगलों में असामाजिक तत्वों और अपराधियों द्वारा रची जा रही एक बड़ी साजिश को सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया है। सशस्त्र सीमा बल (SSB) और गया जिला पुलिस के एक विशेष संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान धनगांई थाना क्षेत्र के दुर्गम जंगल में जमीन के अंदर छिपाकर रखे गए हथियारों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया गया है। हथियारों की इस बड़ी खेप के मिलने के बाद सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों की चौकसी और बढ़ा दी गई है, तथा पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान (कॉम्बिंग ऑपरेशन) चलाया जा रहा है।

खुफिया सूचना पर तड़के शुरू हुआ अभियान

जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों को गुप्त सूत्रों से यह पुख्ता सूचना मिली थी कि धनगांई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सीमावर्ती जंगलों में कुछ संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है और भारी मात्रा में हथियार छिपाए गए हैं। इस सटीक सूचना को गंभीरता से लेते हुए, बुधवार अलसुबह एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस संयुक्त अभियान का नेतृत्व SSB के उप कमांडेंट रवि भूषण कर रहे थे। उनके साथ धनगांई थानाध्यक्ष श्रवण राम और SSB की 29वीं वाहिनी (धनगांई कैंप) के सहायक कमांडेंट सनोज कुमार भी अपनी पूरी टीम के साथ मुस्तैद थे।

प्लास्टिक में लपेटकर जमीन में गाड़े गए थे हथियार

बुधवार सुबह जब संयुक्त टीम ने धनगांई थाना क्षेत्र में तिलेटाड़ से हिसीर जाने वाले मार्ग के पास स्थित घने जंगल में प्रवेश किया, तो वहां चप्पे-चप्पे की तलाशी शुरू की गई। भौगोलिक दृष्टिकोण से यह इलाका बेहद दुर्गम और पहाड़ियों से घिरा हुआ है। सघन तलाशी के दौरान जवानों को एक जगह की मिट्टी संदिग्ध लगी। जब सुरक्षा बलों ने सावधानीपूर्वक उस स्थान पर खुदाई की, तो अंदर से प्लास्टिक में लपेटकर छिपाए गए हथियारों का जखीरा बाहर निकला। हथियारों को इतनी चालाकी से गड्ढा खोदकर छिपाया गया था कि आम आदमी की नजर उस पर बिल्कुल न पड़े और वे नमी से भी बचे रहें।

अत्याधुनिक कार्बाइन और वॉकी-टॉकी बरामद

खुदाई में जो हथियार बरामद हुए हैं, वे किसी बड़ी आपराधिक या नक्सली वारदात को अंजाम देने की ओर इशारा कर रहे हैं। पुलिस और SSB की टीम ने मौके से एक 9MM की अत्याधुनिक कार्बाइन (दो मैगजीन के साथ), एक देशी भरमार राइफल, एक देशी कट्टा और दो मैगजीन वाली एक पिस्तौल बरामद की है। हथियारों के अलावा भारी मात्रा में जिंदा कारतूस भी मिले हैं, जिनमें 9MM के 79 कारतूस और 7.62MM के 13 कारतूस शामिल हैं। सबसे चौंकाने वाली बरामदगी एक पांच वॉट के वॉकी-टॉकी की है। जंगल के जिन इलाकों में मोबाइल नेटवर्क काम नहीं करता, वहां इस वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल आपस में संपर्क साधने के लिए किया जा रहा था। 9MM कार्बाइन जैसे घातक हथियार और भारी मात्रा में कारतूस की बरामदगी के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। अब इस बात की गहन जांच की जा रही है कि हथियारों की यह खेप यहाँ किसने डंप की थी। क्या यह किसी सक्रिय नक्सली दस्ते का काम है, या फिर इस इलाके में सक्रिय कोई बड़ा अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोह किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में था?इस बड़ी कामयाबी पर अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बड़ा खतरा टल गया है। बरामद हथियारों को जब्त कर लिया गया है और धनगांई थाने में इससे संबंधित नामजद/अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया की जा रही है। फिलहाल, पुलिस बरामद हथियारों के फॉरेंसिक सुराग तलाश रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े असली चेहरों को बेनकाब कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जा सके। सीमावर्ती जंगल में अभी भी कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी है।

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