
बिहार के बेगूसराय में एक महिला के साथ हुई बर्बरता और सामूहिक दुष्कर्म के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। सूबे की कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस वीभत्स घटना को लेकर राज्य की सम्राट सरकार पर चौतरफा तीखा हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने बेगूसराय अस्पताल पहुंचकर अत्यंत गंभीर स्थिति में भर्ती पीड़िता और उनके परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया।राजद (RJD) नेता ने इस घटना पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त करते हुए इसे “बिहार की दयनीय, चिंताजनक और खेदजनक स्थिति का ख़ौफ़नाक सच” करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान शासनकाल में राज्य के भीतर बेटियां पूरी तरह असुरक्षित हो चुकी हैं।घटना की रूह कंपा देने वाली क्रूरता को साझा करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि कई दरिंदे जबरन महिला के घर में घुस गए और इस निकृष्ट कांड को अंजाम दिया। अपराधियों ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए पीड़िता के कपड़े उतार दिए, शोर मचाने से रोकने के लिए उसका मुंह और हाथ बांध दिया, और फिर ब्लेड से उसकी छाती काटकर उसे लहूलुहान कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया, जिससे उसकी हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है।इस सामूहिक बलात्कार की वीभत्सता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बेगूसराय अस्पताल के डॉक्टरों को भी इलाज के दौरान भारी मशक्कत करनी पड़ी। तेजस्वी यादव के अनुसार, डॉक्टरों ने पीड़िता के प्राइवेट पार्ट से तकरीबन चार इंच का लकड़ी का एक टुकड़ा, कारतूस का खोल (खोखा) और अन्य कई आपत्तिजनक वस्तुएं बाहर निकाली हैं।
अपराधियों द्वारा की गई इस अमानवीय और क्रूर यातना को देखकर अस्पताल के चिकित्सक और स्थानीय लोग भी दहल उठे हैं।नेता प्रतिपक्ष ने स्थानीय प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को आड़े हाथों लेते हुए उन पर घोर लापरवाही और असंवेदनशीलता बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि घटना के बाद पीड़िता को समय पर उचित चिकित्सीय इलाज तक नसीब नहीं हुआ। हद तो तब हो गई जब स्थानीय पुलिस एफआईआर (FIR) दर्ज करने में लगातार आनाकानी करती रही। पुलिस की इसी ढुलमुल और लचर व्यवस्था के कारण वारदात में शामिल कई मुख्य अभियुक्त अब भी खुलेआम फरार हैं।बिहार में लगातार बढ़ रहे महिला अपराधों को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा निशाना साधते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि सूबे में महिलाओं के साथ क्रूरता और दरिंदगी के ऐसे खौफनाक मामले प्रतिदिन सामने आ रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने और अपराधियों में खौफ पैदा करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। बड़बोले मुख्यमंत्री जमीनी हकीकत को सुधारने के बजाय अपनी प्रशासनिक नाकामी को छुपाने और जनता का ध्यान भटकाने के लिए केवल अनर्गल बयानबाजी करना ही अपना मुख्य दायित्व समझ बैठे हैं।तेजस्वी यादव ने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) न्याय की इस लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि: * फरार सभी दरिंदों को अविलंब गिरफ्तार किया जाए। * लापरवाह पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो। * मामले को **स्पीडी ट्रायल (त्वरित सुनवाई)** के तहत चलाकर दोषियों को जल्द से जल्द **फांसी की सजा** दी जाए।उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि पीड़िता को त्वरित न्याय नहीं मिला, तो राजद महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर पूरे राज्य में उग्र आंदोलन को बाध्य होगी।



