
मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। वाहन जांच और चेकिंग के नाम पर कथित तौर पर अवैध वसूली करने पहुंचे दो पुलिसकर्मियों को स्थानीय ग्रामीणों ने फर्जी समझकर जमकर पीट दिया। इस घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों पुलिसकर्मी अपनी तयशुदा वर्दी में नहीं थे, बल्कि पूरी तरह सादे कपड़ों में इलाके में सक्रिय थे। वे संदिग्ध परिस्थितियों में वाहनों को रोककर पूछताछ कर रहे थे और कागजात मांगने के नाम पर वाहन चालकों से कथित तौर पर पैसों की उगाही कर रहे थे। सादे लिबास में होने के कारण स्थानीय लोगों को उनकी नीयत पर शक हुआ। ग्रामीणों को लगा कि कोई गिरोह पुलिस के नाम पर फर्जीवाड़ा और अवैध वसूली कर रहा है।
डायल 112 की टीम ने की पहचान
देखते ही देखते आक्रोशित ग्रामीणों ने दोनों को घेर लिया और विरोध जताना शुरू कर दिया। विवाद बढ़ने पर बात हाथापाई तक पहुंच गई और ग्रामीणों ने दोनों की पिटाई कर दी। स्थिति बिगड़ती देख किसी ने आपातकालीन सेवा डायल 112 को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची डायल 112 की पुलिस टीम ने जब कड़ाई से पूछताछ की और दस्तावेजों की जांच की, तब जाकर यह खुलासा हुआ कि ग्रामीणों द्वारा पीटे गए दोनों व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि विभाग के ही असली पुलिसकर्मी हैं। पहचान उजागर होने के बाद हालांकि स्थिति स्पष्ट हो गई, लेकिन स्थानीय लोगों ने पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सादे कपड़ों में इस तरह से सड़क पर उतरकर वसूली करना पूरी तरह अवैध है और पुलिस विभाग की छवि को धूमिल कर रहा है। घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
ग्रामीणों के गंभीर आरोप, पुलिस विभाग में खलबली
जिला पुलिस के आला अधिकारियों ने पूरे मामले का संज्ञान लिया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह जांच की जा रही है कि आखिर किस आदेश के तहत और किन परिस्थितियों में ये दोनों पुलिसकर्मी बिना वर्दी के उस इलाके में पहुंचे थे। शुरुआती जांच और ग्रामीणों के बयानों के आधार पर दोनों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून हाथ में लेने वाले ग्रामीणों के साथ-साथ दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और मोतिहारी में यह घटना चर्चा का मुख्य विषय बनी हुई है।



