
बिहार की राजधानी पटना में सोमवार को अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदर्शन हुए। एक तरफ बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के छात्र परीक्षा परिणाम को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, तो दूसरी ओर किसान बाढ़-सूखा और सरकारी नीतियों से जुड़ी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे।
छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय की परीक्षा में 95 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों को फेल कर दिया गया है। इसी को लेकर बड़ी संख्या में छात्र अपना विरोध दर्ज कराने पहुंचे।वहीं, किसानों के प्रदर्शन की अगुवाई वाम दलों से जुड़े नेता कर रहे हैं। दोनों प्रदर्शनों को देखते हुए पटना में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। गांधी मैदान से लेकर डाकबंगला चौराहे तक बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
गांधी मैदान से निकला आक्रोश मार्च
छात्रों, नौजवानों, किसानों और मजदूरों समेत बड़ी संख्या में लोग गांधी मैदान में जुटे। प्रदर्शन में किसानों के अलावा AISF, CPI, AIKF और अन्य वाम दलों के कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से प्रदर्शनकारियों ने आक्रोश मार्च शुरू किया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में पोस्टर और बैनर थे। इनमें वित्त रहित शिक्षा व्यवस्था खत्म करने, बाढ़ और सूखे की समस्या का स्थायी समाधान करने तथा बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल राहत देने जैसी मांगें लिखी थीं।मार्च करते हुए प्रदर्शनकारी पटना के जेपी गोलंबर तक पहुंचे। इसके बाद वे डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़े। इसी दौरान पुलिस ने एक महिला प्रदर्शनकारी को हिरासत में लिया।
प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर पटना SSP कार्तिकेय शर्मा, सिटी एसपी वेस्ट संकेत कुमार और सिटी एसपी ईस्ट शैलजा समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। स्थिति को देखते हुए आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।
बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश पर पुलिस से झड़प
प्रदर्शनकारियों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, रोजगार के अवसर बढ़ाने, स्कीम वर्कर्स को स्थायी करने और मजदूरों को न्यूनतम मानदेय देने जैसी मांगें भी उठाई गईं।हजारों प्रदर्शनकारी जेपी गोलंबर के आसपास जमा हुए। इस दौरान आगे बढ़ने के लिए बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की गई, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बन गई।
AISF, CPI, AIKF समेत विभिन्न वाम संगठनों के कार्यकर्ताओं की पुलिस से बहस भी हुई। मौके पर SDPO कामख्या नारायण सिंह और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक की बात सामने आई है।
सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई
एक साथ कई स्थानों पर प्रदर्शन के कारण पटना के प्रमुख इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई। गांधी मैदान, जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे के आसपास सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
प्रशासन की नजर प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों और यातायात व्यवस्था पर बनी हुई है। छात्र और किसान संगठनों की ओर से अपनी मांगों को लेकर विरोध जारी रखा गया।



