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छठ से पहले संवरेगी सरकारी भवनों की सूरत, जर्जर व्यवस्था पर चलेगा ‘कायाकल्प’ का हथौड़ा

मोतिहारी। जिले में वर्षों से बदहाली का दंश झेल रहे सरकारी भवनों के दिन अब बहुत जल्द बहुरने वाले हैं। सरकारी भवनों की जर्जर व्यवस्था, उखड़ते पलस्तर और बदरंग दीवारों पर अब जिला प्रशासन की नजर टेढ़ी हो गई है। लोक आस्था के महापर्व छठ से पहले इन भवनों की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने की व्यापक स्तर पर तैयारी शुरू कर दी गई है। अब जिले के विद्यालयों से लेकर स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक भवन और छात्रावास तक न केवल स्वच्छ और सुंदर नजर आएंगे, बल्कि आम जनमानस के लिए अधिक उपयोगी भी साबित होंगे।इसी महती उद्देश्य के साथ शुक्रवार को पटना में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ का शंखनाद किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस महत्वाकांक्षी अभियान का शुभारंभ करते हुए इससे संबंधित एक विशेष पोर्टल और ऐप भी जारी किया, ताकि विकास कार्यों की मॉनिटरिंग पारदर्शी तरीके से हो सके। इसी महती उद्देश्य के साथ शुक्रवार को पटना में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ का शंखनाद किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस महत्वाकांक्षी अभियान का शुभारंभ करते हुए इससे संबंधित एक विशेष पोर्टल और ऐप भी जारी किया, ताकि विकास कार्यों की मॉनिटरिंग पारदर्शी तरीके से हो सके।

नई संरचनाओं के लिए 2027 का लक्ष्य

राजधानी पटना में आयोजित इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलों में किया गया। पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) में समाहरणालय स्थित एनआईसी (NIC) कक्ष में इस कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव के नेतृत्व में नगर आयुक्त आशीष कुमार, सहायक समाहर्ता राजकृष्ण झा, सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरी और डीआरडीए के निदेशक डॉ. कुंदन कुमार सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख पदाधिकारियों ने सरकार के इस विजन को धरातल पर उतारने का संकल्प लिया।विदित हो कि इस ‘कायाकल्प अभियान’ के दायरे में ग्रामीण विकास, शिक्षा, समाज कल्याण, अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, नगर विकास एवं आवास, पंचायती राज, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण (PHED) तथा स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी तमाम सार्वजनिक सुविधाएं और संपत्तियां शामिल हैं। इन विभागों के अंतर्गत आने वाले वैसे सभी भवन जो लंबे समय से उपेक्षा का शिकार थे, उन्हें अब एक नया और आकर्षक स्वरूप प्रदान किया जाएगा।

छठ से पहले संवरेगी सरकारी भवनों की सूरत

योजना को गति देने के लिए समय-सीमा भी कड़ाई से निर्धारित कर दी गई है। रंगाई-पुताई और छोटे-मोटे मरम्मत के कार्यों को 30 नवंबर तक हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, कड़ा निर्देश यह भी है कि महापर्व छठ से पहले आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर खत्म कर लिया जाए। वहीं, नई आधारभूत संरचनाओं और बड़े निर्माण कार्यों के लिए 31 मार्च 2027 तक का समय तय किया गया है।जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने इस अभियान को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए बैठक के दौरान ही जिला शिक्षा पदाधिकारी को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले के सभी कस्तूरबा गांधी विद्यालयों की मरम्मत और रंग-रोगन के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इस पूरी कवायद का मुख्य लक्ष्य केवल भवनों को बाहर से चमकाना नहीं है, बल्कि बेहतर रखरखाव के साथ सरकारी संपत्तियों को आम नागरिकों, महिलाओं और बच्चों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है।

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